
कोटद्वार। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर प्रदेश में आक्रोश देखने को मिला। सोमवार को कोटद्वार में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता सीबीआई जांच की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। पूर्व सैनिक संघर्ष समिति के बैनर तले कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित कई संगठनों के पदाधिकारी देवी मंदिर चौराहे पर एकत्र हुए और नगर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया।
रैली देवी मंदिर चौराहे से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई तहसील परिसर पहुंची, जहां यह एक जनसभा में तब्दील हो गई। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और मामले में निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार साक्षी उपाध्याय के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अंकिता हत्याकांड के बाद से ही प्रदेश की जनता में गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की शुरुआत से ही जनता वीआईपी नामों के खुलासे की मांग कर रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वक्ताओं का कहना था कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक जनता का भरोसा बहाल नहीं हो सकता।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सीबीआई जांच की घोषणा नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। आयोजन के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
अंकिता हत्याकांड को लेकर उठी यह आवाज एक बार फिर यह संकेत दे रही है कि यह मामला अभी भी प्रदेश की राजनीति और समाज में एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है।




