
आदिबदरी/नारायणबगड़। चमोली जिले में जंगलों में धधक रही आग अब जानलेवा साबित होने लगी है। आदिबदरी तहसील के बूंगा गांव में मंगलवार शाम जंगल की आग की चपेट में आने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि नारायणबगड़ क्षेत्र में एक अन्य महिला आग से झुलस गई। लगातार बढ़ रही वनाग्नि की घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
जानकारी के अनुसार आदिबदरी तहसील के बूंगा गांव के बदाढ़गाड जंगल में मंगलवार दोपहर से भीषण आग लगी हुई थी। तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैलती चली गई और शाम तक उसने आसपास के क्षेत्रों को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक गांव निवासी मदन लाल की पत्नी 50 वर्षीय सुरेशी देवी शाम करीब सात बजे गांव से करीब 200 मीटर दूर स्थित अपनी गौशाला की ओर जा रही थीं। इसी दौरान रास्ते में अचानक वह जंगल की आग की लपटों में घिर गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उस समय क्षेत्र में तेज हवा चल रही थी, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया। महिला के चीखने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके की ओर दौड़े और काफी प्रयास के बाद उन्हें आग की लपटों से बाहर निकाला। गंभीर रूप से झुलसी महिला को ग्रामीण घर तक लेकर आए और अस्पताल ले जाने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन उससे पहले ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना ग्रामीणों ने तत्काल क्षेत्रीय पटवारी और वन विभाग को दी। देर रात वन विभाग की टीम गांव पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई। ग्रामीणों का आरोप है कि जंगल में लगी आग को समय रहते नियंत्रित नहीं किया जा सका, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
उधर, नारायणबगड़ क्षेत्र के रेस चोपता गांव में भी जंगल की आग ने एक महिला को अपनी चपेट में ले लिया। आग से झुलसी कश्मीरा देवी को उपचार के लिए कर्णप्रयाग उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार महिला की हालत पर निगरानी रखी जा रही है।
प्रदेश के पर्वतीय जिलों में इन दिनों लगातार जंगलों में आग की घटनाएं सामने आ रही हैं। तेज गर्मी, सूखी वनस्पति और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल रही है। इससे वन संपदा के साथ-साथ ग्रामीण आबादी और पशुधन पर भी खतरा बढ़ गया है। कई इलाकों में ग्रामीण स्वयं आग बुझाने के प्रयास कर रहे हैं, जबकि वन विभाग की टीमें भी आग पर काबू पाने में जुटी हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जंगलों में आग रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।




