
नई दिल्ली: प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर अहम निर्णय लिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इन छोटे गैस सिलेंडरों की दैनिक आपूर्ति का कोटा दोगुना करने की घोषणा की है। इस फैसले का उद्देश्य उन मजदूरों को सुविधा देना है, जिनके पास स्थायी पते का प्रमाण नहीं होता और उन्हें रसोई गैस प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
मंत्रालय के अनुसार, ये 5 किलो के FTL सिलेंडर तेल विपणन कंपनियों यानी Indian Oil Corporation Limited, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited के सहयोग से उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य सरकारों और उनके खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों के माध्यम से इन सिलेंडरों का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि यह सुविधा विशेष रूप से प्रवासी मजदूरों तक पहुंच सके।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 5 किलोग्राम के ये सिलेंडर बाजार दरों पर उपलब्ध होंगे और इन्हें खरीदने के लिए पते के प्रमाण की आवश्यकता नहीं होगी। उपभोक्ता वैध पहचान पत्र दिखाकर सीधे एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर से इन्हें प्राप्त कर सकते हैं। इससे अस्थायी रूप से रहने वाले लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
मध्य एशिया और पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के चलते ईंधन की संभावित कमी की आशंकाओं के बीच सरकार ने एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी है। तेल विपणन कंपनियों ने भरोसा दिलाया है कि घरेलू एलपीजी और ऑटोमोटिव ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सामान्य और पर्याप्त बनी हुई है।
इसके साथ ही सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी सख्त रुख अपनाया है। मार्च महीने से अब तक 50 हजार से अधिक सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं और 1400 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूटरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से 36 डीलरशिप को निलंबित भी किया जा चुका है।
सरकार ने घरेलू एलपीजी और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक सेवाओं—जैसे अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों—में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। साथ ही रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाने और मांग को संतुलित रखने के लिए कई अन्य कदम भी उठाए गए हैं।
इस पहल के तहत छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे आम लोगों, खासकर प्रवासी मजदूरों को आसानी से गैस मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।







