
उत्तरकाशी: जनपद के आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में भागीरथी नदी के बढ़ते कटाव और लगातार हो रही बारिश ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। नदी के किनारे हो रहे भू-धंसाव के चलते गंगोत्री हाईवे का लगभग 30 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे यातायात और चारधाम यात्रा पर खतरा मंडराने लगा है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बीते रविवार को हुई बारिश के बाद स्थिति और बिगड़ गई। हाईवे के किनारे स्थित सेब के बगीचों में भारी भू-धंसाव हुआ, जिससे करीब 100 से अधिक सेब के पेड़ जड़ से उखड़ गए और बगीचों को व्यापक नुकसान पहुंचा। मिट्टी के पूरी तरह धंस जाने के कारण कई पेड़ गिर गए, जिससे किसानों को आर्थिक रूप से भी भारी क्षति उठानी पड़ी है।
धराली के ग्राम प्रधान अजय नेगी ने बताया कि इस क्षेत्र में पिछले वर्ष आई आपदा के बाद से ही भागीरथी नदी का कटाव लगातार बढ़ रहा था। समय रहते सुरक्षा कार्य नहीं होने के कारण अब स्थिति गंभीर हो गई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार प्रशासन और जिला अधिकारियों को लिखित रूप से अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
वर्तमान में हाईवे का क्षतिग्रस्त हिस्सा लगातार धंस रहा है, जिससे आसपास के गांवों और बगीचों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अगले दो-तीन दिनों तक इसी तरह बारिश जारी रही, तो भू-धंसाव और बढ़ सकता है, जिससे गंगोत्री हाईवे पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।
इस स्थिति का असर आगामी चारधाम यात्रा पर भी पड़ सकता है, क्योंकि यह मार्ग गंगोत्री धाम के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। ऐसे में यात्रियों की आवाजाही बाधित होने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से सुरक्षा उपाय करने, नदी के कटाव को रोकने और प्रभावित क्षेत्र में स्थायी समाधान निकालने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।




