
नई टिहरी: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान बुधवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब बदरीनाथ धाम से देहरादून लौट रहा एक हेलिकॉप्टर तकनीकी समस्या के कारण खेतों में उतारना पड़ा। घटना चंबा-आराकोट क्षेत्र के सत्यो-सकलाना इलाके में हुई, जहां ट्रांस भारत एविएशन कंपनी के हेलिकॉप्टर ने आपात स्थिति में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग की। हेलिकॉप्टर में पायलट सहित कुल छह लोग सवार थे और राहत की बात यह रही कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
जानकारी के अनुसार हेलिकॉप्टर बदरीनाथ धाम से यात्रियों को लेकर देहरादून लौट रहा था। उड़ान के दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और क्षेत्र में तेज हवाएं चलने लगीं। इसी बीच हेलिकॉप्टर हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे उसके पिछले हिस्से को नुकसान पहुंचा। स्थिति को गंभीर देखते हुए पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए नजदीकी खेतों में सुरक्षित लैंडिंग करा दी। पायलट की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। अधिकारियों ने यात्रियों की स्वास्थ्य जांच भी कराई, जिसमें सभी को सुरक्षित पाया गया। प्रशासन ने आसपास के लोगों को भी घटनास्थल से दूर रहने की सलाह दी।
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में खराब मौसम और तेज हवाओं को घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है। हालांकि हेलिकॉप्टर के हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने के पहलू की भी तकनीकी जांच की जा रही है। एविएशन विशेषज्ञों और तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया है, जो हेलिकॉप्टर को हुए नुकसान और घटना के वास्तविक कारणों का विस्तृत परीक्षण करेगी।
चारधाम यात्रा सीजन के दौरान हेलिकॉप्टर सेवाओं का उपयोग बड़ी संख्या में श्रद्धालु कर रहे हैं। ऐसे में इस घटना ने हेली सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम संबंधी सभी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घटना को लेकर सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की अपुष्ट या भ्रामक जानकारी साझा न करें। केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करने को कहा गया है।





