
रुड़की। चारधाम और हरिद्वार यात्रा पर आए राजस्थान के श्रद्धालुओं का शनिवार को रुड़की रोडवेज बस अड्डे पर गुस्सा फूट पड़ा। एआरटीओ विभाग द्वारा कागजात अधूरे पाए जाने पर दो निजी बसों को सीज किए जाने के बाद यात्रियों ने जमकर हंगामा किया। रोडवेज परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। बाद में अधिकारियों ने यात्रियों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया।
जानकारी के अनुसार राजस्थान से श्रद्धालुओं का एक दल हरिद्वार और चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड पहुंचा था। इसी दौरान रुड़की क्षेत्र में परिवहन विभाग की टीम नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी। जांच के दौरान एआरटीओ अधिकारियों ने यात्रियों से भरी दो बसों को रोककर उनके दस्तावेजों की जांच की। बताया गया कि बस संचालकों के पास आवश्यक परमिट और अन्य जरूरी कागजात पूरे नहीं थे।
दस्तावेज अधूरे पाए जाने पर एआरटीओ टीम ने नियमानुसार दोनों बसों को सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी। जैसे ही यात्रियों को इसकी जानकारी मिली, वे नाराज हो गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बसों से उतरकर रोडवेज परिसर में इकट्ठा हो गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। महिलाओं समेत कई यात्रियों ने कहा कि वे धार्मिक यात्रा पर निकले हैं और प्रशासन की इस कार्रवाई से उनकी आस्था को ठेस पहुंची है।
हंगामे के चलते बस अड्डे पर कुछ समय के लिए अव्यवस्था की स्थिति बन गई। यात्रियों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। मौके पर मौजूद पुलिस और परिवहन विभाग के कर्मचारियों ने लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने यात्रियों को समझाया कि बिना वैध कागजात के किसी भी वाहन को संचालन की अनुमति नहीं दी जा सकती और यह कार्रवाई सुरक्षा तथा नियमों के तहत की गई है।
स्थिति बिगड़ती देख रोडवेज प्रशासन भी सक्रिय हो गया। बाद में यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए रोडवेज की बसों से उनके गंतव्य की ओर भेजने की व्यवस्था की गई। इसके बाद धीरे-धीरे मामला शांत हुआ।
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा और वैध परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। बिना परमिट, फिटनेस या आवश्यक दस्तावेजों वाले वाहनों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।




