
ऋषिकेश: चारधाम यात्रा सीजन के बीच ऋषिकेश में अवैध दलाली और परिवहन व्यवस्था को लेकर विवाद गहरा गया है। एक कथित दलाल के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज ट्रांसपोर्टरों ने शुक्रवार शाम आईएसबीटी चौकी का घेराव कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एआरटीओ की शिकायत के बावजूद पुलिस जानबूझकर कार्रवाई नहीं कर रही और दलाल को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
मामला तीन दिन पहले का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, ऋषिकेश से रुद्रप्रयाग नंबर पर पंजीकृत एक टैक्सी वाहन में तीर्थयात्रियों को केदारनाथ यात्रा के लिए बैठाया गया था। आरोप है कि यात्रियों को वाहन में बैठाने का काम एक दलाल ने किया था। जांच के दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ऋषिकेश रश्मि पंत ने तपोवन क्षेत्र में वाहन को रोककर दस्तावेजों की जांच की। जांच में वाहन के यात्रा संबंधी कागजात अधूरे पाए गए, जिसके बाद वाहन को सीज कर दिया गया।
पूछताछ में वाहन चालक ने एक कथित दलाल का नाम, मोबाइल नंबर और फोटो एआरटीओ को उपलब्ध कराया। इसके आधार पर एआरटीओ प्रवर्तन की ओर से आईएसबीटी चौकी प्रभारी को शिकायती पत्र देकर संबंधित दलाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की गई थी।
ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि शिकायत दिए जाने के बाद भी पुलिस ने न तो आरोपी दलाल से पूछताछ की और न ही उसके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज किया। इसी से नाराज होकर डीलक्स टैक्सी एसोसिएशन और अन्य परिवहन व्यवसायियों ने शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे आईएसबीटी चौकी पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान ट्रांसपोर्टरों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि अवैध दलाली के कारण वैध टैक्सी संचालकों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और प्रशासन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा।
डीलक्स टैक्सी एसोसिएशन के अध्यक्ष हेमंत डंग ने कहा कि यात्रा सीजन में बाहरी और अवैध एजेंट सक्रिय हो जाते हैं, जो बिना नियमों का पालन किए यात्रियों को वाहनों में बैठाकर परिवहन व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वैध परिवहन व्यवसायियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ट्रांसपोर्टरों को समझाने का प्रयास किया और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। कोतवाली ऋषिकेश के प्रभारी निरीक्षक केसी भट्ट ने कहा कि मामले में जानकारी जुटाई जा रही है और जो भी व्यक्ति नियमों के विरुद्ध कार्य करता पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि परिवहन व्यवसायियों को भी इस संबंध में स्थिति से अवगत करा दिया गया है।
चारधाम यात्रा के दौरान ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में टैक्सी संचालन और यात्रियों की आवाजाही को लेकर लगातार दबाव बना रहता है। ऐसे में अवैध दलाली और नियमों की अनदेखी से प्रशासन और परिवहन विभाग के सामने व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती और बढ़ गई है।




