
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Israel और Iran के बीच संघर्ष ने एक और गंभीर मोड़ ले लिया है। उत्तरी इजराइल के किरयात शमोना शहर में हुए ताजा हमले के दौरान इजराइली राष्ट्रपति Isaac Herzog को अपना भाषण बीच में ही रोककर बंकर में शरण लेनी पड़ी। बताया जा रहा है कि यह घटना उस समय हुई जब राष्ट्रपति हर्ज़ोग एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। अचानक हमले की चेतावनी मिलने पर उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में सुरक्षा हालात की गंभीरता को उजागर कर दिया है।
अपने संबोधन में हर्ज़ोग ने कहा था कि इजराइल पिछले युद्धविराम की स्थिति में लौटने के पक्ष में नहीं है और उसे अपनी सुरक्षा के लिए रणनीतिक गहराई बनाए रखनी होगी। उनके इस बयान को क्षेत्रीय सुरक्षा नीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत कर रहा है और युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते की संभावना बनी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समझौता होता है, तो ईरान के संवर्धित यूरेनियम पर नियंत्रण अमेरिका के पास हो सकता है।
हालांकि, Iran ने ऐसी किसी भी बातचीत से इनकार किया है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए जारी रखने का अधिकार रखता है और किसी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा। युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर भी असर देखने को मिल रहा है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, शेयर बाजार में अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों पर खतरा बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को लेकर भी तनाव बना हुआ है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल परिवहन होता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है और स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। क्षेत्रीय शक्तियां जैसे तुर्की और मिस्र भी मध्यस्थता की कोशिशों में जुटे हैं, जिससे किसी संभावित समाधान की उम्मीद बनी हुई है। कुल मिलाकर, Israel और Iran के बीच बढ़ता तनाव न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।






