
नैनीताल: कभी अपनी ठंडी हवाओं, सुहावने मौसम और शांत वातावरण के लिए देशभर में प्रसिद्ध रहने वाली सरोवर नगरी नैनीताल अब रिकॉर्ड गर्मी की मार झेल रही है। मई महीने में ही यहां तापमान ने ऐसा स्तर छू लिया है, जिसने स्थानीय लोगों के साथ मौसम वैज्ञानिकों की चिंता भी बढ़ा दी है। 22 मई 2026 को नैनीताल का अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बीते पांच वर्षों में सबसे अधिक है।
पहाड़ों की रानी कहे जाने वाले नैनीताल में आमतौर पर मई-जून के दौरान मौसम खुशनुमा रहता है और लोग मैदानी इलाकों की गर्मी से राहत पाने यहां पहुंचते हैं। लेकिन इस बार हालात बदले हुए नजर आ रहे हैं। दिन चढ़ते ही तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है। गर्मी से बचने के लिए पर्यटक नैनीझील में नौकायन का सहारा लेते दिखाई दे रहे हैं, जबकि स्थानीय लोग भी घरों और दुकानों में एसी व कूलर लगवाने को मजबूर हो गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि नैनीताल में बढ़ती गर्मी केवल एक मौसमी बदलाव नहीं बल्कि हिमालयी पारिस्थितिकी के लिए गंभीर चेतावनी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण हीटवेव का असर अब पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुंचने लगा है। तेजी से हो रहे शहरीकरण, जंगलों की कटाई और जलवायु परिवर्तन ने पहाड़ों के प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित किया है।
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र सिंह के मुताबिक, मैदानी क्षेत्रों की गर्म हवाएं और बदलती ऊष्म गतिकी के कारण हिमालय का कोल्ड जोन लगातार ऊंचाई की ओर खिसक रहा है। इसका असर निचले हिमालयी इलाकों के तापमान पर साफ दिखाई देने लगा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में वर्षा चक्र प्रभावित हो सकता है और ग्लेशियरों के अस्तित्व पर भी खतरा बढ़ सकता है।
बीते पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 22 मई 2026 को दर्ज 31.5 डिग्री तापमान सबसे अधिक रहा। इससे पहले वर्ष 2025 में यह 29 डिग्री, 2024 में 26 डिग्री, 2023 में 25 डिग्री और 2022 में 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। लगातार बढ़ते तापमान ने यह साफ कर दिया है कि पहाड़ों का मौसम तेजी से बदल रहा है।
गर्मी का असर केवल नैनीताल तक सीमित नहीं है। हल्द्वानी में लगातार तीसरे दिन तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। गर्म हवाओं के थपेड़ों से लोग बेहाल रहे। दोपहिया वाहन चालक सिर और चेहरा ढककर सफर करते नजर आए। हालांकि मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों बागेश्वर और पिथौरागढ़ में पश्चिमी विक्षोभ के असर से हल्की से मध्यम बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई है। वहीं मैदानी इलाकों में अभी भी गर्म और शुष्क मौसम बने रहने का अनुमान है।




