
ऋषिकेश: उत्तराखंड के पर्यटन नगरी ऋषिकेश में एक दर्दनाक हादसे ने चार दोस्तों की यात्रा को मातम में बदल दिया। लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र के अंतर्गत प्रतिबंधित घाट पर फोटो खींचने के दौरान दो युवक गंगा नदी की तेज धारा में बह गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जबकि एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सर्च अभियान शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार अमरोहा (उत्तर प्रदेश) निवासी चार दोस्त ऋषिकेश घूमने आए थे। सभी युवक डबल ट्रिपल बीच क्षेत्र में घूम रहे थे। इसी दौरान दो युवक नदी किनारे फोटो खिंचवा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फोटो लेते समय अचानक दोनों का संतुलन बिगड़ गया और वे गंगा की तेज धारा की चपेट में आ गए।
साथ मौजूद दोस्तों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण दोनों कुछ ही पलों में आंखों से ओझल हो गए। घटना की सूचना तुरंत पुलिस और एसडीआरएफ को दी गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और देर शाम तक तलाशी अभियान चलाया गया। अंधेरा होने के कारण अभियान रोकना पड़ा, जिसके बाद शुक्रवार सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
एसडीआरएफ की टीम डीप डाइवरों और आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की मदद से गंगा नदी में युवकों की तलाश कर रही है। हादसा जिस स्थान पर हुआ, वह प्रतिबंधित घाट क्षेत्र बताया जा रहा है, जहां पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद लोग चेतावनी और प्रतिबंधों की अनदेखी कर नदी किनारे पहुंच जाते हैं।
डूबने वाले युवकों की पहचान मोहम्मद फैज़ान (25 वर्ष) पुत्र अली अब्बास और मोहम्मद कैफ (19 वर्ष) पुत्र नसीम अख्तर निवासी नौगावां सादात, अमरोहा के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
एसडीआरएफ और पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गंगा किनारे बने प्रतिबंधित और असुरक्षित घाटों पर न जाएं। अधिकारियों ने कहा कि गंगा का बहाव कई स्थानों पर बेहद तेज रहता है और थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। प्रशासन ने पर्यटकों से नदी किनारे सेल्फी और फोटो खींचने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।




