
देहरादून: उत्तराखंड में मई के महीने के साथ गर्मी अब पूरी तरह अपने चरम पर पहुंचती दिखाई दे रही है। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक तेज धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सुबह होते ही चिलचिलाती धूप लोगों को झुलसाने लगी है, जबकि दोपहर के समय गर्म हवाओं के थपेड़ों ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राजधानी देहरादून में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, जिससे लोगों को उमस और लू दोनों का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 20 मई को भी प्रदेश के मैदानी इलाकों में गर्म हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है। इसे देखते हुए देहरादून, हरिद्वार और उत्तरकाशी के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।
प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। तेज धूप के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मैदानी इलाकों के साथ-साथ अब पर्वतीय क्षेत्रों में भी गर्मी के तेवर देखने को मिल रहे हैं। मई की शुरुआत में जहां पहाड़ों में मौसम सुहावना बना हुआ था, वहीं अब वहां भी दिन के समय तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। हालांकि मौसम विभाग ने पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई है, जिससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
आंकड़ों के अनुसार देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक 23.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं और आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।
गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने को कहा गया है। साथ ही लोगों से धूप में निकलते समय सिर ढकने, हल्के कपड़े पहनने और लगातार पानी पीते रहने की अपील की गई है।





