
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में एक स्कूल संचालक की मौत का मामला जांच के दौरान कथित तौर पर सुनियोजित हत्या में बदल गया। पुलिस के अनुसार, मृतक अतुल कुमार पंवार (32) की पत्नी दामिनी ने अपने कथित प्रेमी तुषार और दो सपेरों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। आरोप है कि पहले अतुल को नींद की गोलियां खिलाई गईं और फिर सोते समय सांप से डसवाकर घटना को सामान्य सर्पदंश जैसा दिखाने का प्रयास किया गया।
पुलिस के मुताबिक अतुल और दामिनी ने वर्ष 2019 में प्रेम विवाह किया था। दोनों का एक छह वर्षीय बेटा है और हाल ही में उन्होंने हस्तिनापुर में एक प्ले स्कूल शुरू किया था। जांच में सामने आया कि स्कूल में कार्यरत बस चालक तुषार और दामिनी के बीच कथित प्रेम संबंध थे, जिसके चलते दोनों ने अतुल को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
पुलिस का दावा है कि योजना के तहत तुषार ने नींद की गोलियां उपलब्ध कराईं, जिन्हें दामिनी ने अतुल के भोजन या दूध में मिला दिया। देर रात गहरी नींद में होने पर कथित रूप से दो सपेरों की मदद से अतुल को सांप से डसवाया गया। घटना को दुर्घटना जैसा दिखाने के लिए सांप को भी कमरे में छोड़ दिया गया।
परिजनों के आरोप से बदली जांच की दिशा
शुक्रवार सुबह दामिनी ने घटना को सर्पदंश बताते हुए शोर मचाया। मौके पर पहुंचे लोगों ने बिस्तर पर सांप देखा, जिसे मार दिया गया। प्रारंभिक तौर पर मामला सर्पदंश का प्रतीत हुआ, लेकिन मृतक के पिता ने बहू पर हत्या का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने दामिनी और तुषार के मोबाइल फोन की पड़ताल की। अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल से कथित चैट, कॉल रिकॉर्ड और सांप की तस्वीर मिलने के बाद पूछताछ में साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने दामिनी, तुषार और दोनों सपेरों को गिरफ्तार कर लिया।
पहले भी हुई थी हत्या की कोशिश
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह भी सामने आया कि करीब 20 दिन पहले अतुल को कार से टक्कर मारकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह प्रयास सफल नहीं हुआ। इसके बाद कथित रूप से नई योजना बनाकर हत्या को अंजाम दिया गया।
बीमा राशि भी जांच के केंद्र में
पुलिस का कहना है कि मृतक ने लगभग 20 लाख रुपये का जीवन बीमा कराया था। जांच में यह पहलू भी सामने आया है कि बीमा राशि कथित साजिश के संभावित उद्देश्यों में शामिल थी। आरोप है कि सपेरों को पहले कुछ राशि दी गई थी और शेष रकम बीमा मिलने के बाद देने की बात तय हुई थी।
फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विष विज्ञान (टॉक्सिकोलॉजी) जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है। साथ ही, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मौत का कारण केवल सर्पदंश था या अन्य किसी प्रकार की हिंसा भी हुई थी।
अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले के प्रत्येक पहलू की जांच की जा रही है।







