
देहरादून। आगामी कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुचारू और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर) का उपयोग नहीं किया जाएगा। उन्होंने दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित संबंधित राज्यों के अधिकारियों को पहले से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि इस निर्णय को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित अंतर-राज्यीय समन्वय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं और गंगाजल लेकर विभिन्न राज्यों के लिए रवाना होते हैं। ऐसे में सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और प्रशासनिक समन्वय को सर्वोच्च प्राथमिकता देना आवश्यक है।
बैठक में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। इसके अलावा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) सहित कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि 30 जुलाई से 11 अगस्त तक प्रस्तावित कांवड़ यात्रा देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। यात्रा के सफल संचालन के लिए सभी राज्यों और एजेंसियों के बीच निरंतर समन्वय, त्वरित सूचना आदान-प्रदान और संयुक्त निगरानी व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, प्रभावी यातायात प्रबंधन और आपदा से निपटने की पूरी तैयारी सुनिश्चित करें। साथ ही यात्रा मार्गों पर किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्येक कांवड़ यात्री के पास वैध पहचान पत्र होना अनिवार्य रहेगा। इसके अलावा यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के घातक हथियार अथवा प्रतिबंधित सामग्री के साथ चलने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और इस नियम का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
बैठक में शामिल सभी राज्यों ने एक साझा कार्ययोजना के तहत काम करने पर सहमति जताई। अधिकारियों ने निर्णय लिया कि कांवड़ मेले के दौरान राज्यों के बीच त्वरित सूचना साझा करने, संयुक्त निगरानी और समन्वित कार्रवाई की व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके तथा किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके।




