
देहरादून। कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपर लीक के मुद्दे को लेकर केंद्र और राज्यों की परीक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में पेपर लीक का पूरा सिस्टम एक ‘रेस्टोरेंट के मेन्यू कार्ड’ की तरह काम कर रहा है, जहां विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की कथित कीमत तय है। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुरक्षा और सरकारी जवाबदेही बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
शुक्रवार को देहरादून पहुंचने के बाद राहुल गांधी ने सबसे पहले दिवंगत कांग्रेस नेता अमर मेहता के परिजनों से मुलाकात कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ बैठक की और शाम को बन्नू स्कूल परिसर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों से संवाद किया।
पेपर लीक पर उठाए सवाल
संवाद के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की जिम्मेदारी सरकार की होनी चाहिए, न कि निजी कंपनियों की। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से मेहनत करने वाले लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित बनाने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति या गिरोह पेपर लीक में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
रिया थापा के पिता की पीड़ा से भावुक हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब नीट परीक्षा के बाद जान गंवाने वाली छात्रा रिया थापा के पिता राजेश गुरुंग मंच पर पहुंचे। उन्होंने अपनी बेटी के साथ हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षा के बाद वह खुश थी, लेकिन पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद गहरे मानसिक तनाव में चली गई। अपनी बात रखते हुए वह भावुक हो गए और न्याय की मांग की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनकी बात गंभीरता से सुनी।
रोजगार और परीक्षा व्यवस्था पर भी रखी बात
राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के कई रास्ते होने चाहिए, लेकिन प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताएं उनके विश्वास को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता, परीक्षा प्रक्रिया में रैंडमाइजेशन और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता बताई।
छात्रों ने साझा किया अपना अनुभव
कार्यक्रम में उत्तराखंड और अन्य राज्यों के कई प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, परीक्षा निरस्त होने और वर्षों की तैयारी पर पड़ने वाले प्रभाव का उल्लेख किया। छात्रों ने निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
बारिश के बीच भी जुटे छात्र
बारिश के बावजूद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र और युवा पहुंचे। कांग्रेस नेताओं के अनुसार कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या में पंजीकरण हुए थे। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं और बाद में राहुल गांधी ने छात्रों के साथ संवाद किया।




