
चमोली: उत्तराखंड में मानसून अब राहत के बजाय आफत बनता नजर आ रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने चमोली जिले के ज्योतिर्मठ क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने की घटनाओं से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पगनो गांव में भारी बारिश के कारण मलबा आवासीय क्षेत्र तक पहुंच गया, जिससे एक घर में रह रहे दो बुजुर्ग अंदर फंस गए। ग्रामीणों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा आने से यातायात ठप हो गया, जिससे चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में तीर्थयात्री रास्ते में फंस गए।
ज्योतिर्मठ क्षेत्र में देर रात से लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ियों से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर नीचे आने लगे। पगनो गांव में मलबा कई घरों तक पहुंच गया। स्थानीय लोगों के अनुसार सतेश्वर प्रसाद और उनकी पत्नी सीता देवी अपने घर के भीतर फंस गए थे। गांव के लोगों ने जोखिम उठाकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
स्थानीय निवासी बदरी प्रसाद सुंदरियाल ने बताया कि लगातार बारिश से खेतों में खड़ी फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर कृषि भूमि पर मलबा जमा हो गया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर नुकसान का आकलन कराने और राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।
भारी वर्षा के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग भी पागल नाला क्षेत्र में मलबा आने से बंद हो गया। मार्ग अवरुद्ध होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को घंटों इंतजार करना पड़ा। प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीमें जेसीबी मशीनों की मदद से मार्ग खोलने के कार्य में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होते ही सड़क को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में बारिश और मलबा आने के कारण 27 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। इनमें देहरादून जिले में 10, टिहरी में 6, पिथौरागढ़ में 5, बागेश्वर में 3, चमोली में 2 तथा चंपावत में 1 ग्रामीण मार्ग यातायात के लिए बंद है। संबंधित विभागों को मार्गों को शीघ्र खोलने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में मानसून ने पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में भी बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है।
प्रशासन और मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों, तीर्थयात्रियों तथा पर्यटकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के किनारे न जाएं और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें। संवेदनशील इलाकों में प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है।




