
देहरादून: उत्तराखंड और राष्ट्रीय राजधानी के बीच कनेक्टिविटी को नई गति देने वाला Delhi-Dehradun Expressway अब यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इस एक्सप्रेसवे पर मंगलवार से वॉल्वो और एसी बसों का ट्रायल शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत दून से दिल्ली की दूरी महज तीन घंटे में पूरी की जा सकेगी।
परिवहन विभाग के अनुसार, पहले चरण में आठ वॉल्वो बसें, छह एसी बसें और एक साधारण बस को एक्सप्रेसवे मार्ग पर चलाया जाएगा। इन बसों के संचालन के जरिए यात्रा समय, ईंधन खर्च और संचालन लागत का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर भविष्य में किराए में कमी और सेवाओं के विस्तार पर निर्णय लिया जाएगा।
अब तक देहरादून से दिल्ली की दूरी पारंपरिक मार्ग से करीब 260 किलोमीटर थी, जिसे तय करने में रोडवेज बसों को लगभग पांच घंटे का समय लगता था। लेकिन एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह दूरी घटकर करीब 210 किलोमीटर रह गई है, जिससे यात्रा समय में करीब दो घंटे की बचत होगी। यह बदलाव न केवल यात्रियों के लिए समय की बचत करेगा, बल्कि यातायात दबाव को भी कम करेगा।
ग्रामीण डिपो के सहायक महाप्रबंधक प्रतीक जैन ने बताया कि एक्सप्रेसवे से बसों के संचालन से यात्रियों को अधिक आरामदायक, तेज और सुरक्षित सफर का अनुभव मिलेगा। शुरुआती ट्रायल के बाद बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी और नियमित संचालन की योजना बनाई जाएगी।
इस नई व्यवस्था से खासतौर पर रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों, पर्यटकों और व्यावसायिक गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलेगा। एक्सप्रेसवे के शुरू होने से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि उत्तराखंड और दिल्ली के बीच आर्थिक, पर्यटन और सामाजिक संपर्क भी और मजबूत होगा।
कुल मिलाकर, दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे आधुनिक परिवहन का एक बड़ा उदाहरण बनकर उभर रहा है, जो समय, सुविधा और सुरक्षा—तीनों के संतुलन के साथ यात्रियों को बेहतर अनुभव देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




