
देहरादून: उत्तराखंड में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर राज्य सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी में हाल में हुई घटनाओं पर गहरी नाराजगी जताते हुए कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पूरे प्रदेश में “ऑपरेशन प्रहार” चलाने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस मुख्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि राज्य में किसी भी कीमत पर कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराधियों, असामाजिक तत्वों और हुड़दंगियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही देर रात संचालित हो रहे बार, पब्स और अवैध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में देहरादून में हुई एक सनसनीखेज हत्या के मामले में संबंधित चौकी प्रभारी और उप आबकारी निरीक्षक को निलंबित किया जाना इसी सख्ती का उदाहरण बताया गया।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय की गईं। आईजी गढ़वाल को देहरादून की कानून-व्यवस्था की रोजाना निगरानी करने, जबकि एसएसपी को अधीनस्थ अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा एसटीएफ को सक्रिय अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का जिम्मा सौंपा गया है।
प्रदेशभर में व्यापक चेकिंग अभियान चलाने के साथ-साथ रोड रेज, फायरिंग और देर रात होने वाली अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों को हॉटस्पॉट क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने, बैरियर चेकिंग सख्त करने और फील्ड में सक्रिय रहने को कहा गया है।
इसके साथ ही किरायेदारों, पीजी और होम-स्टे में रहने वाले लोगों का सत्यापन अभियान तेज करने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके।
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। “ऑपरेशन प्रहार” के जरिए उत्तराखंड में अपराध पर लगाम लगाने और आम जनता को सुरक्षित वातावरण देने की दिशा में निर्णायक प्रयास किया जा रहा है।




