लखीमपुर : D.M. कार्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सरकार की योजनाओं को लागू करने के विषय में एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी, तभी एक व्यक्ति हाथ में थैला लिए पहुंचा और गुहार लगाने लगा कि ” साहब मेरे बच्चे को जिंदा कर दो ”
जानकारी के मुताबिक हाथ में टंगे थैले में शिशु का शव लेकर पिता कलक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय में चल रही बैठक में अचानक पहुंचा था। उसके हाथ में टंगा थैले में नवजात का शव देखकर अधिकारियों के आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा। सरकार की योजनाओं को लागू करने के लिए जारी बैठक में विपिन नामक शख्स रोता-बिलखता पंहुचा था। उस पर अस्पताल की लापरवाही भारी पड़ी थी।आप बीती सुनाते वह अधिकारियों से बस एक ही गुहार लगा रहा था कि साहब किसी तरह से इस बच्चे को जिंदा कर दो, इसकी मां दूसरे अस्पताल में भर्ती है। उसे बताया है कि बच्चे की हालत ठीक नहीं लगने पर इलाज के लिए उसे इस भर्ती कराया था, जबकि इसकी माँ का इलाज दूसरे अस्पताल में चल रहा है, अधिकारीयों से रोते हुए पीड़ित ने पूछा कि आप ही बता दो कि इसकी मां को क्या जवाब दें। पीड़ित विपिन के घर सात साल बाद खुशी का मौका आया था, मगर पहले ही दिन यह मौका हाथों–हाथ छिन गया।
कलेक्टर के फ़ौरी निर्देश के बाद सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता और एसडीएम सदर अश्विनी कुमार सिंह को दलबल के साथ गोलदार स्थित अस्पताल में जाँच के लिए भेजा गया। जाँच करने पर अस्पताल में घोर लापरवाही सामने आई। जाँच करने के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया है।