
देहरादून: आधुनिक तकनीक के दौर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए ‘नैना’ नामक उन्नत एआई मॉडल सामने आया है, जो दफ्तरों से लेकर रेलवे स्टेशन जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने में सक्षम है। डिजिटल समिट में प्रस्तुत इस तकनीक को विकसित करने वाली कंपनी के अनुसार, यह मॉडल सुरक्षा तंत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है।
‘नैना’ एआई की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह भारी भीड़ के बीच भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु को पहचान सकता है। कैमरों के माध्यम से यह तुरंत किसी व्यक्ति की संदिग्धता का प्रतिशत बताता है, जिससे सुरक्षाकर्मियों को निर्णय लेने में आसानी होती है। इतना ही नहीं, यदि किसी व्यक्ति के पास हथियार मौजूद है, तो यह सिस्टम उसे भी पहचानने में सक्षम है।
यह तकनीक केवल सार्वजनिक स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि कार्यालयों में भी इसका उपयोग किया जा सकता है। एआई मॉडल कर्मचारियों की रोजमर्रा की गतिविधियों पर नजर रखता है और किसी भी असामान्य व्यवहार या अचानक स्वास्थ्य समस्या, जैसे हार्ट अटैक की स्थिति में तुरंत अलर्ट जारी कर सकता है। इससे समय रहते मदद पहुंचाना संभव हो सकेगा।
परिवहन और सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में भी ‘नैना’ उपयोगी साबित हो सकता है। हाईवे या एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना होने की स्थिति में यह तुरंत घटना का पता लगाकर संबंधित पुलिस और स्वास्थ्य सेवाओं को लोकेशन के साथ अलर्ट भेज सकता है। इसके अलावा यह ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर स्वत: कार्रवाई करने में सक्षम है, जैसे सीट बेल्ट न पहनने या अन्य नियम तोड़ने पर चालान प्रक्रिया शुरू करना।
उत्तराखंड जैसे राज्य, जहां हर साल चारधाम यात्रा और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भारी भीड़ और जोखिम की स्थिति रहती है, वहां इस एआई तकनीक का उपयोग काफी प्रभावी साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसे बड़े स्तर पर लागू किया जाए, तो सुरक्षा और आपदा प्रबंधन दोनों में उल्लेखनीय सुधार देखा जा सकता है।




