
देहरादून। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने उत्तराखंड में युवाओं और पूर्व सैनिकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति बनाई है। इसी कड़ी में Rahul Gandhi के दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे को पार्टी महत्वपूर्ण राजनीतिक अभियान के रूप में देख रही है।
कांग्रेस का फोकस विशेष रूप से अग्निपथ योजना, अग्निवीर भर्ती, वन रैंक वन पेंशन (OROP) और पूर्व सैनिकों की पेंशन से जुड़े मुद्दों पर रहेगा। पार्टी का मानना है कि ये विषय राज्य के बड़े वर्ग को प्रभावित करते हैं और चुनावी विमर्श में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
पौड़ी में पूर्व सैनिक सम्मेलन पर विशेष नजर
चार जून को पौड़ी में आयोजित होने वाले पूर्व सैनिक सम्मेलन को कांग्रेस ने अपने अभियान का प्रमुख केंद्र बनाया है। सम्मेलन में राहुल गांधी पूर्व सैनिकों और युवाओं के साथ संवाद करेंगे। पार्टी नेताओं के अनुसार अग्निपथ योजना के प्रभाव, सैन्य भर्ती की बदलती व्यवस्था तथा पूर्व सैनिकों की विभिन्न मांगों पर चर्चा की जाएगी।
उत्तराखंड को सैनिक बाहुल्य राज्य माना जाता है। बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होने की तैयारी करते हैं और हजारों पूर्व सैनिक राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में निवास करते हैं। इसी कारण कांग्रेस इन वर्गों तक अपनी राजनीतिक पहुंच मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
अल्मोड़ा में जनसभा के माध्यम से जनता तक संदेश
राहुल गांधी की अल्मोड़ा जनसभा में भी प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया जाएगा। कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि रोजगार, पलायन, महंगाई और युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों को जनता के सामने प्रमुखता से रखा जाएगा।
कांग्रेस की रणनीति में युवा और पूर्व सैनिक केंद्र में
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Ganesh Godiyal का कहना है कि अग्निवीर भर्ती को लेकर युवाओं और उनके परिवारों में चिंता है। कांग्रेस इस विषय पर लगातार जनता के बीच जा रही है और पार्टी नेतृत्व इसे प्रमुख राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठाता रहेगा।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार राहुल गांधी का यह दौरा केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं बल्कि 2027 के चुनावी अभियान की शुरुआती रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें युवा, रोजगार और पूर्व सैनिकों से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखा गया है।




