
देहरादून: Dehradun में प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रस्तावित दौरे को लेकर अभूतपूर्व और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस प्रशासन ने पूरे शहर को सुरक्षा के घेरे में लेते हुए करीब 3000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की है, जिनमें 550 महिला पुलिस अधिकारी और कर्मी भी शामिल हैं। इनकी जिम्मेदारी कंट्रोल रूम से लेकर रोड शो मार्ग और कार्यक्रम स्थल तक अलग-अलग स्तरों पर तय की गई है।
प्रधानमंत्री के 12 किलोमीटर लंबे रोड शो को ध्यान में रखते हुए पूरे मार्ग को 13 जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं, ताकि सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर सतत निगरानी रखी जा सके। जिलाधिकारी सविन बंसल ने सभी अधिकारियों को कार्यक्रम से पहले अंतिम निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को पूरी तरह दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रत्येक व्यक्ति की गहन जांच के लिए हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर का उपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही कार्यक्रम के दौरान ड्रोन के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। संवेदनशील स्थानों, ऊंची इमारतों और जल टंकियों की जांच बम निरोधक दस्ते और श्वान दल द्वारा की जा रही है।
डीजीपी दीपम सेठ ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की और फोर्स को ब्रीफ करते हुए वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य के अनुसार सतर्क और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना सत्यापन के किसी भी व्यक्ति को कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
रोड शो से पहले सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए शहर में रिहर्सल भी की गई। इस दौरान आशारोड़ी से लेकर गढ़ी कैंट तक फ्लीट मूवमेंट किया गया, जिससे कई प्रमुख मार्गों पर अस्थायी रूप से यातायात रोक दिया गया। आईएसबीटी, जीएमएस रोड और अन्य मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों को डायवर्ट किया गया, जिससे कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बनी रही।
इसके अलावा, पूरे जिले में सघन चेकिंग और सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। होटल, गेस्ट हाउस और अन्य ठहरने वाले स्थानों पर ठहरे लोगों का सत्यापन किया जा रहा है, जबकि जनपद की सीमाओं पर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि प्रधानमंत्री के दौरे को सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए गए हैं। आधुनिक तकनीक, मानव संसाधन और कड़ी निगरानी के संयोजन से सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह अभेद्य बनाने का प्रयास किया गया है।




