
देहरादून। रमजान के पवित्र महीने के समापन के बाद Eid al-Fitr का त्योहार उत्तराखंड में पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। राजधानी Dehradun में ईद के मौके पर विशेष रौनक देखने को मिली, जहां सुबह से ही ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिलेभर की करीब 75 ईदगाहों और मस्जिदों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सामूहिक रूप से ईद की नमाज अता की और देश में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी।
चकराता रोड स्थित मुख्य ईदगाह में सुबह से ही नमाजियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जो ईदगाह परिसर से लेकर आसपास की सड़कों तक फैल गई। नमाज के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए थे। विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। सुबह निर्धारित समय पर शहर काजी मुफ्ती हशीम अहमद कासमी ने नमाज अदा करवाई और अपने संदेश में लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि ईद-उल-फितर केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और क्षमा का प्रतीक है। इस अवसर पर सभी लोगों को पुराने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाना चाहिए और समाज में एकता का संदेश देना चाहिए। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की बधाई दी। घरों में सेवइयों और विभिन्न पारंपरिक व्यंजनों का दौर शुरू हुआ, जहां लोग अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और पड़ोसियों के साथ खुशियां बांटते नजर आए।
साथ ही जरूरतमंदों की मदद कर सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की भी परंपरा जारी रही। शहर के विभिन्न इलाकों—मुस्लिम कॉलोनी, सुभाषनगर, पलटन बाजार, चंदर नगर, ईसी रोड, अजबपुर, कारगी, मोथरोवाला और अन्य क्षेत्रों की मस्जिदों में भी नमाज अदा की गई। हर जगह उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। कुल मिलाकर, Eid al-Fitr का यह पर्व देहरादून में भाईचारे, शांति और एकता का संदेश देते हुए हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जिसने समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।




