
कोरबा | छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जंगली हाथी के हमले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। बुधवार देर रात करीब दो बजे कोरकोमा क्षेत्र स्थित उपार्जन केंद्र कुदमुरा समिति में एक जंगली हाथी घुस आया और मंडी प्रभारी को कुचलकर मार डाला। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।
मृतक की पहचान 42 वर्षीय राजेश कुमार सिंह राजपूत के रूप में हुई है, जो रजगामार के निवासी थे और कुदमुरा उपार्जन केंद्र में मंडी प्रभारी के रूप में कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि राजेश अपनी पत्नी के साथ उपार्जन केंद्र परिसर में ही अस्थायी झोपड़ी बनाकर रह रहे थे।
बुधवार रात करीब दो बजे अचानक एक जंगली हाथी उपार्जन केंद्र में घुस आया। हाथी ने वहां सो रहे राजेश पर हमला कर दिया और उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान राजेश की पत्नी ने किसी तरह चीख-पुकार करते हुए वहां से भागकर अपनी जान बचाई।
घटना रात के समय हुई, इसलिए आसपास कोई मदद के लिए मौजूद नहीं था। पत्नी की चीख-पुकार के बाद जब ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली तो वे मौके पर पहुंचे। इसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि हाथी अभी भी आसपास के जंगलों में विचरण कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कुदमुरा उपार्जन केंद्र में धान चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। इसी कारण मंडी प्रभारी राजेश कुमार अपनी पत्नी के साथ वहीं रहकर केंद्र की निगरानी कर रहे थे। धान के भंडारण के कारण अक्सर जंगली हाथी मंडियों की ओर आकर्षित होते हैं और धान खाने के लिए वहां पहुंच जाते हैं।
ग्रामीणों और वन विभाग के कर्मचारी कई बार ऐसे हाथियों को खदेड़ने का प्रयास करते हैं, लेकिन कई बार ये हाथी बेकाबू होकर हमला कर देते हैं। बुधवार रात हुई इस घटना ने एक बार फिर इलाके में मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है।
वन विभाग ने घटना का पंचनामा तैयार कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।






