
महाशिवरात्रि पर्व के निकट आते ही उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा का उल्लास चरम पर पहुंचने लगा है। तीर्थनगरी हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिवभक्तों के जत्थे ऊधम सिंह नगर जनपद के काशीपुर, सितारगंज, हल्द्वानी, रुद्रपुर, किच्छा, पीलीभीत, बेहड़ी और रामनगर की ओर बढ़ने लगे हैं। ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा है।
काशीपुर में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे कांवड़ियों के स्वागत को विभिन्न स्थानों पर पंडाल सजाए गए हैं। कुंडा चौराहा, मिस्सरवाला, बैलजुड़ी तिराहा, गंगे बाबा मंदिर, श्मशान घाट मंदिर, घास मंडी, द्रोणासागर परिसर, बिजलीघर परिसर और मोटेश्वर महादेव मंदिर सहित कई स्थानों पर भंडारे और विश्राम की व्यवस्था की गई है।
श्री गंगे बाबा मंदिर उदासीन आश्रम के महंत लखनदास महाराज ने बताया कि 10 फरवरी से भंडारा प्रारंभ होगा, जो प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक चलेगा। महाशिवरात्रि के अवसर पर रात आठ बजे से सुबह छह बजे तक रुद्राभिषेक का आयोजन होगा।
हरिद्वार से पैदल आ रहे कांवड़ियों के लिए चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा ढेला नदी पार बैलजुड़ी चौराहा पर स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है, जहां दूसरे दिन 200 से अधिक कांवड़ियों और सेवादारों का निशुल्क उपचार किया गया। चिकित्सकों की टीम ने प्राथमिक उपचार के साथ दवाएं भी वितरित कीं।
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन सतर्क है। हाईवे और प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है तथा सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटवाया गया। पूर्व पार्षद कविता यादव ने असामाजिक तत्वों पर सीसीटीवी से कड़ी निगरानी रखने और कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की मांग की है।
इस बीच खटीमा के चकरपुर स्थित वनखंडी महादेव शिव मंदिर में 15 फरवरी से 12 दिवसीय महाशिवरात्रि मेले का आयोजन होगा। मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किए जाने की संभावना है। 26 फरवरी तक चलने वाले इस मेले में उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश और नेपाल से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं।
जसपुर क्षेत्र में भी विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सेवा शिविर लगाए हैं, जहां कांवड़ियों के लिए जलपान, विश्राम और स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ रही है।







