
अल्मोड़ा। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी आंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है। कांग्रेस ने इस मामले को आगामी चुनाव तक राजनीतिक मुद्दा बनाए रखने की रणनीति के तहत सरकार पर दबाव बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में प्रदेश कांग्रेस ने सात सितंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच करने का निर्णय लिया है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जुटने के निर्देश दिए गए हैं।
कांग्रेस के इस प्रस्तावित आंदोलन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य राष्ट्रीय नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि प्रदेश कांग्रेस की ओर से अभी तक राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी स्पष्ट किया है कि राहुल गांधी के आने का अभी कोई कार्यक्रम तय नहीं है।
खरगे की रैली के बाद शुरू हुआ विवाद
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आठ अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली आयोजित की गई थी। रैली के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ लोगों की ओर से कथित रूप से शुद्धिकरण किए जाने का मामला सामने आया, जिसके बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया। कांग्रेस ने इसे अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष और पार्टी के वरिष्ठ दलित नेता के अपमान से जोड़ते हुए गंभीर मुद्दा बनाया है।
कांग्रेस का कहना है कि खरगे की रैली के बाद कार्यक्रम स्थल का शुद्धिकरण किए जाने की घटना को सामान्य घटना के रूप में नहीं देखा जा सकता। पार्टी ने इसे सामाजिक और राजनीतिक रूप से आपत्तिजनक बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश कांग्रेस अब सरकार पर दबाव बनाने के लिए आंदोलन की तैयारी कर रही है।
शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि शुद्धिकरण मामले में राज्यपाल से लेकर पुलिस के उच्च अधिकारियों और विभिन्न पुलिस थानों तक शिकायतें एवं तहरीर दी गईं, लेकिन इसके बावजूद शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। पार्टी इसे लेकर सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है।
कांग्रेस का कहना है कि मामले में शिकायत दिए जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। पार्टी ने मांग की है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो।
राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी पर भी कांग्रेस आक्रामक
कांग्रेस ने इस विवाद को राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी से भी जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा की शह पर हल्द्वानी में कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। कांग्रेस इसे राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए विरोध कर रही है।
हालांकि ये कांग्रेस की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। पार्टी ने इसी मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाने और अपने कार्यकर्ताओं को लामबंद करने की रणनीति अपनाई है। सात सितंबर का मुख्यमंत्री आवास कूच इसी राजनीतिक विरोध का प्रमुख हिस्सा माना जा रहा है।
सात सितंबर को प्रदेशभर से जुटेंगे कार्यकर्ता
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि सात सितंबर को प्रदेशभर के कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास कूच करेंगे। पार्टी संगठन स्तर पर इस कार्यक्रम की तैयारियों में जुट गया है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं के देहरादून पहुंचने की संभावना है।
कांग्रेस का प्रयास है कि मुख्यमंत्री आवास कूच के माध्यम से शुद्धिकरण विवाद को प्रदेश की राजनीति के केंद्र में लाया जाए और सरकार पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाया जाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह मामला केवल एक कार्यक्रम स्थल से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसे सामाजिक सम्मान और राजनीतिक भेदभाव के सवाल से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
राहुल गांधी के शामिल होने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
पार्टी सूत्रों के अनुसार सात सितंबर के कार्यक्रम में राहुल गांधी और अन्य राष्ट्रीय नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इससे आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक महत्व मिलने की संभावना है। हालांकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्पष्ट किया है कि राहुल गांधी के आने का अभी कोई कार्यक्रम तय नहीं है।
ऐसे में फिलहाल राहुल गांधी की मौजूदगी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पार्टी की ओर से उनके कार्यक्रम की औपचारिक पुष्टि किए जाने के बाद ही यह तय होगा कि वह मुख्यमंत्री आवास कूच में शामिल होंगे या नहीं।
अंतिम समय तक लड़ाई जारी रखने का दावा
गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस शुद्धिकरण मामले में अंतिम समय तक लड़ाई लड़ती रहेगी। पार्टी का कहना है कि वह इस प्रकरण को चुनावी राजनीति से पहले लगातार उठाती रहेगी और सरकार पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाएगी।
सात सितंबर का प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास कूच इसी रणनीति का हिस्सा है। कांग्रेस संगठन की ओर से कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम की तैयारियों में जुटाया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
इस पूरे घटनाक्रम ने हल्द्वानी की रैली के बाद शुरू हुए विवाद को प्रदेश की राजनीति में एक नए मुद्दे के रूप में सामने ला दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सात सितंबर के कांग्रेस के मुख्यमंत्री आवास कूच में कितनी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटते हैं और इसमें राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की क्या भूमिका रहती है।




