
नैनीताल: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में बुधवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। निचली अदालत से आजीवन कारावास की सजा पाए मुख्य आरोपी पुलकित आर्या और सौरभ भास्कर की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने फिलहाल उन्हें कोई राहत नहीं दी और मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तिथि निर्धारित कर दी। सुनवाई के दौरान आरोपियों और अभियोजन पक्ष ने अपने-अपने तर्क अदालत के समक्ष विस्तार से रखे।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ के समक्ष हुई। आरोपियों ने कोटद्वार की निचली अदालत द्वारा 30 मई 2025 को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की है। इसके साथ ही उन्होंने जमानत आवेदन प्रस्तुत कर सुनवाई लंबित रहने तक रिहा किए जाने की मांग भी की।
आरोपियों की ओर से अदालत में दलील दी गई कि मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं है। बचाव पक्ष का कहना था कि अंकिता भंडारी का शव नहर से बरामद हुआ था और उपलब्ध साक्ष्य यह साबित नहीं करते कि उसकी हत्या आरोपियों ने की। उनका दावा था कि यह आत्महत्या का मामला है और आरोपियों का घटना से कोई संबंध नहीं है, इसलिए उन्हें जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए।
वहीं राज्य सरकार और अंकिता भंडारी के परिवार की ओर से जमानत का कड़ा विरोध किया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि घटना के बाद रिसॉर्ट के कमरे को तोड़ा गया, आग लगाकर महत्वपूर्ण सबूत नष्ट करने का प्रयास किया गया तथा कई डिजिटल साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गई। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि यदि आरोपियों की कोई भूमिका नहीं थी, तो फिर सबूत मिटाने की कोशिश क्यों की गई।
अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष फोरेंसिक जांच और डिजिटल साक्ष्यों का भी उल्लेख किया। बताया गया कि घटना के समय आरोपियों की लोकेशन घटनास्थल के आसपास पाई गई थी। इसके अलावा अंकिता के व्हाट्सएप चैट में भी ऐसे उल्लेख मिले हैं जो आरोपियों की भूमिका की ओर संकेत करते हैं। जांच में यह भी सामने आया कि रिसॉर्ट के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए थे और डीवीआर के साथ छेड़छाड़ की गई थी, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रभावित हुए।
गौरतलब है कि पौड़ी गढ़वाल जिले के डोभ श्रीकोट निवासी अंकिता भंडारी ऋषिकेश स्थित वनंत्रा रिसॉर्ट में कार्यरत थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या का मामला सामने आया था। आरोप है कि रिसॉर्ट संचालक पुलकित आर्या, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता ने अंकिता को चीला बैराज में धक्का देकर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस जांच के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और मुकदमे की सुनवाई के उपरांत कोटद्वार की अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
अब हाईकोर्ट में दायर अपील पर सुनवाई जारी है। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को निर्धारित की है, जहां जमानत और अपील से जुड़े अन्य पहलुओं पर आगे विचार किया जाएगा।




