
देहरादून। उत्तराखंड में तकनीकी एवं कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस बार राज्य के 153 राजकीय और 82 निजी आईटीआई में विभिन्न ट्रेडों में प्रवेश दिया जाएगा। कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग ने युवाओं के लिए प्रशिक्षण के साथ रोजगार और उच्च शिक्षा के अवसरों को जोड़ते हुए कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। विशेष रूप से आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्रों को केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत बोनस अंक का लाभ मिलेगा, जिससे उनके लिए अग्निवीर भर्ती में चयन की संभावना बढ़ जाएगी।
कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अनुसार ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में उम्मीदवारों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षिक योग्यता और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसके आधार पर राज्य स्तरीय मेरिट सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण में अभ्यर्थी अपनी रैंक और मेरिट के अनुसार संस्थान और ट्रेड का चयन कर सकेंगे। इस बार छात्रों को न्यूनतम एक और अधिकतम दस ट्रेड एवं संस्थानों के विकल्प भरने की सुविधा दी गई है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को अग्निपथ योजना में विशेष लाभ मिलेगा। एक वर्षीय आईटीआई कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों को 30 बोनस अंक तथा दो वर्षीय कोर्स करने वालों को 40 बोनस अंक दिए जाएंगे। इससे उन्हें अन्य अभ्यर्थियों की तुलना में अतिरिक्त बढ़त मिलेगी। इसके अलावा आईटीआई उत्तीर्ण छात्र सीधे पॉलिटेक्निक संस्थानों के द्वितीय वर्ष में लेटरल एंट्री के माध्यम से प्रवेश लेकर उच्च तकनीकी शिक्षा भी प्राप्त कर सकेंगे।
इस वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया में दोहरी प्रशिक्षण प्रणाली (डीएसटी) विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। राज्य के 54 राजकीय आईटीआई संस्थानों ने देश की प्रतिष्ठित कंपनियों जैसे टाटा मोटर्स, बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प, महिंद्रा और वी-गार्ड के साथ समझौते किए हैं। इस व्यवस्था के तहत छात्र संस्थान में पढ़ाई के साथ-साथ उद्योगों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। दो वर्षीय पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को छह से बारह माह और एक वर्षीय पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को तीन से छह माह तक उद्योगों में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।
उद्योगों में प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। कंपनियां प्रशिक्षुओं को प्रतिमाह आठ हजार से बारह हजार रुपये तक स्टाइपेंड देंगी। इसके अतिरिक्त भोजन, परिवहन और सुरक्षा उपकरण जैसी सुविधाएं भी रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को प्रशिक्षण के दौरान वित्तीय सहायता मिल सकेगी और उन्हें उद्योगों के वास्तविक कार्य वातावरण का अनुभव भी प्राप्त होगा।
विभिन्न ट्रेडों में प्रवेश के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता आठवीं और दसवीं पास निर्धारित की गई है। उत्तराखंड बोर्ड से दसवीं उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत अतिरिक्त वेटेज भी दिया जाएगा। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 250 रुपये तथा अन्य वर्गों के लिए 350 रुपये निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए निर्धारित आरक्षण लागू रहेगा। महिलाओं और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए भी क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की गई है।
विभाग ने अभ्यर्थियों को समय पर आवेदन करने की सलाह दी है। प्रथम चरण के ऑनलाइन आवेदन पांच जुलाई तक भरे जा सकेंगे। सात जुलाई को राज्य स्तरीय मेरिट सूची प्रकाशित होगी। इसके बाद आठ से 15 जुलाई तक छात्र संस्थानों और ट्रेडों के विकल्प भर सकेंगे। प्रथम काउंसलिंग के तहत 18 जुलाई को सीट आवंटन किया जाएगा तथा 19 से 26 जुलाई के बीच चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित संस्थानों में प्रवेश लेना होगा।
कौशल विकास विभाग का मानना है कि आईटीआई शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि यह युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाने का मजबूत मंच बन चुकी है। अग्निपथ योजना में मिलने वाले अतिरिक्त लाभ, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा के अवसरों के कारण इस वर्ष आईटीआई में प्रवेश के प्रति युवाओं का रुझान और बढ़ने की संभावना है।




