
कानपुर के बेकनगंज इलाके में महिला की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने उसके पति को गिरफ्तार कर लिया है। रिजवी रोड निवासी टेलर इंतजार अहमद की पत्नी निशा कौशर की 26 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ससुरालीजनों ने मायके पक्ष को बताया था कि निशा की मौत फ्रिज में उतरे करंट की चपेट में आने से हुई है। इसके बाद 27 मई को बकरमंडी स्थित कब्रिस्तान में शव को दफना दिया गया था।
हालांकि, निशा की मां शकीला को बेटी की मौत की परिस्थितियों पर संदेह था। उन्होंने अधिकारियों से शिकायत कर मामले की जांच कराने की मांग की। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों में सबसे अहम कड़ी मृतका की छह साल की बेटी का बयान बना। बेटी ने अपनी नानी को घटना के दिन की परिस्थितियों के बारे में बताया, जिसके बाद मामला सामान्य हादसे के बजाय संदिग्ध मौत की दिशा में बढ़ गया।
आरोप है कि घटना वाले दिन निशा के पति इंतजार अहमद ने उसके साथ मारपीट की थी। मृतका की छह वर्षीय बेटी अरबिया ने कथित तौर पर बताया कि उसके पिता ने उसकी मां को पीटा और सिर दीवार में लड़ाया। इसके बाद तार के जरिये करंट लगाकर उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया गया।
मां की शिकायत और बच्ची के बयान के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस ने कब्र खुलवाने की कार्रवाई की। करीब 10 दिन बाद निशा का शव कब्र से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के बाद पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू की।
परिजनों का आरोप था कि उन्होंने बेकनगंज पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद मृतका के पति के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
सोमवार रात पुलिस को मामले में सफलता मिली। बेकनगंज पुलिस ने आरोपी पति इंतजार अहमद को उसके घर के पास से गिरफ्तार कर लिया। बेकनगंज इंस्पेक्टर मो. मतीन खान ने आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
पुलिस अब मामले में हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि निशा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटना के समय घर में कौन-कौन मौजूद था। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बना रही है।
मामले में छह साल की बच्ची की गवाही को महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। हालांकि, घटना के संबंध में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
निशा की मौत के बाद जिस तरह पहले इसे करंट लगने से हुई दुर्घटना बताया गया और बाद में परिवार की शिकायत तथा बच्ची के बयान के आधार पर मामले की दोबारा जांच शुरू हुई, उससे पूरे घटनाक्रम पर कई सवाल खड़े हुए हैं। अब पति की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस कथित हत्या की पूरी कहानी और इसमें शामिल परिस्थितियों को सामने लाने में जुटी है।






