
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में वैचारिक मतभेदों के बावजूद आपसी सम्मान और सौहार्द की मिसाल उस समय देखने को मिली, जब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म सीरीज “उत्तराखंडियत की ओर” के प्रथम एपिसोड का भव्य लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं ने एक मंच पर उपस्थित होकर लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी सम्मान और उत्तराखंडियत की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
सहारनपुर रोड स्थित होटल वायसराय इन में आयोजित समारोह में महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, यूकेडी के पूर्व अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी, संत हरिबोल चैतन्य महाराज और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र नेगी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने संयुक्त रूप से डॉक्यूमेंट्री का लोकार्पण किया। कार्यक्रम का आयोजन आवाम इंडिया फिल्म सीरीज के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं साप्ताहिक पत्र के संपादक वसी ज़ैदी द्वारा किया गया।
डॉक्यूमेंट्री में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के संघर्षपूर्ण राजनीतिक जीवन को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है। इसमें ग्रामसभा स्तर से लेकर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री बनने तक की उनकी यात्रा, युवा कांग्रेस, ट्रेड यूनियन और कांग्रेस सेवादल में सक्रिय भूमिका तथा राष्ट्रीय राजनीति में पहचान बनाने के संघर्ष को दर्शाया गया। साथ ही नेहरू-गांधी परिवार से उनके संबंधों और उत्तराखंड आंदोलन के दौरान निभाई गई जिम्मेदारियों को भी प्रमुखता से दिखाया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि हरीश रावत ने राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन उन्होंने कभी राजनीतिक कटुता को व्यक्तिगत संबंधों पर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने स्वयं भगत सिंह कोश्यारी को अपना राजनीतिक गुरु और मार्गदर्शक बताया।
पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि राजनीति में पक्ष और विपक्ष के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध लोकतंत्र को मजबूत करते हैं और विकास की गति को नई दिशा देते हैं। उन्होंने हरीश रावत को “दिल का साफ नेता” बताते हुए कहा कि वैचारिक विरोध के बावजूद उनके व्यक्तिगत संबंध हमेशा आत्मीय रहे। कोश्यारी ने संसद में हरीश रावत की सक्रियता का जिक्र करते हुए उन्हें “जीरो आवर का हीरो” बताया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और यूकेडी के पूर्व अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने भी अपने संबोधन में राजनीतिक जीवन के खट्टे-मीठे अनुभव साझा किए और कहा कि लोकतंत्र में स्वस्थ संवाद और परस्पर सम्मान बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण यूथ रेड क्रॉस सोसाइटी के रक्तदाता शिरोमणि डॉ. अनिल वर्मा का सम्मान रहा। 155 बार रक्तदान करने के लिए उन्हें “आवाम इंडिया रक्तदाता सम्मान” से नवाजा गया। भगत सिंह कोश्यारी, हरीश रावत, गोविंद सिंह कुंजवाल, सुरेंद्र सिंह नेगी और वसी ज़ैदी ने संयुक्त रूप से उन्हें शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. अनिल वर्मा ने आवाम इंडिया टीम, वरिष्ठ पत्रकार अनिल सती, विजय रावत और सभी आयोजकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और समाज के अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जुड़ना चाहिए।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, विधायक मनोज तिवारी, विधायक ममता राकेश, कांग्रेस नेता सुरेंद्र अग्रवाल, राजीव जैन, गरिमा दसौनी, नवीन जोशी, हरीश बावरा, महेंद्र सिंह नेगी, वीरेंद्र पोखरियाल, संग्राम सिंह पुंडीर, हिमांशु जोशी, बलवंत सिंह बोहरा, डॉ. एम.एस. अंसारी, मेजर प्रेमलता वर्मा, सरोजनी कैंतुरा, हसनैन मलिक, पूरन सिंह रावत, सुरेंद्र सिंह रांगड़, विरेंद्र पंवार, गुरनैन सिंह, रेनू चुनारा, अमर सिंह, कुंदन सिंह मेहता और कई सामाजिक व राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिल वर्मा ने किया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, कलाकारों और उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया।





