
देहरादून: उत्तराखंड में इन दिनों धार्मिक, प्रशासनिक, सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियां एक साथ तेज होती नजर आ रही हैं। चारधाम यात्रा के आगाज के साथ जहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, वहीं सरकार और प्रशासन भी व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सक्रिय दिखाई दे रहा है। चारधाम यात्रा के तहत जौलीग्रांट से बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू हो चुकी है। पहले ही दिन से भारी मांग देखने को मिली और 20 मई तक की बुकिंग पूरी तरह फुल हो गई है। एमआई-17 हेलिकॉप्टर के जरिए रोजाना दो चक्कर लगाए जा रहे हैं, जिससे सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को सुविधा मिल पा रही है।
दूसरी ओर, राज्य सरकार ने श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए 20 साल बाद न्यूनतम वेतन में वृद्धि की है। नई दरों के अनुसार अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। साथ ही नई श्रम संहिताओं के लागू होने से अब श्रमिकों को एक साल में ग्रेच्युटी, पीएफ और बीमा जैसी सुविधाएं मिलेंगी। असंगठित क्षेत्र और गिग वर्कर्स को भी पहली बार इन योजनाओं से जोड़ा जा रहा है, जो श्रमिक कल्याण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भर्ती नियमों का पालन न करने वाले 69 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, प्रदेश में 90 प्रतिशत प्रधानाचार्य पद खाली होने के कारण सरकार अब शिक्षकों की पदोन्नति के लिए अध्यादेश लाने की तैयारी कर रही है। लंबे समय से अटकी पदोन्नतियों को लेकर शिक्षकों में नाराजगी भी सामने आई है।
इधर, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर भी कई घटनाएं चिंता बढ़ाने वाली रही हैं। देहरादून के आशारोड़ी क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य मामले में नशे में धुत युवकों ने कई वाहनों को टक्कर मार दी। वहीं, नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन को लूटने की कोशिश ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 10 हथियारबंद बदमाश ट्रेन के कोचों के बीच चढ़ गए थे, हालांकि वे अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके। धार्मिक नगरी हरिद्वार में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भारी भीड़ उमड़ी और श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान किया। लेकिन इसी दौरान कुछ विवादित घटनाएं भी सामने आईं, जिसमें एक महिला द्वारा गंगा में कुत्ते को नहलाने और कुछ युवकों द्वारा मछलियों को मारने पर लोगों में आक्रोश देखने को मिला।
पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में भी राज्य सरकार सक्रिय हो गई है। हाथी, गुलदार और बंदरों की गणना के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान के सहयोग से व्यापक सर्वे की योजना बनाई गई है। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने की रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी। ऊर्जा क्षेत्र में भी नया प्रयोग किया जा रहा है। यूजेवीएनएल पहली बार बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) स्थापित कर रहा है, जिससे पीक आवर में 120 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी। इससे बिजली संकट के समय राहत मिलने की उम्मीद है।
राजनीतिक स्तर पर भी गतिविधियां तेज हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का तीन दिवसीय दौरा प्रस्तावित है, जिसमें 70 विधानसभा सीटों पर संभावित उम्मीदवारों और रणनीति पर मंथन किया जाएगा। वहीं उद्योगपति गौतम अदाणी ने केदारनाथ धाम पहुंचकर दर्शन किए और प्रस्तावित रोपवे परियोजना का सर्वे भी किया। इसके अलावा, राज्य में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए मोबाइल पर परीक्षण अलर्ट जारी किया गया, ताकि आपात स्थिति में सूचना प्रसारण प्रणाली की प्रभावशीलता जांची जा सके। कुल मिलाकर उत्तराखंड इस समय विकास, आस्था, सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों के एक महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है, जहां एक ओर धार्मिक गतिविधियां चरम पर हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार नीतिगत फैसलों के जरिए व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी है।




