
टिहरी: जनपद के डोबरा-चाटी क्षेत्र में शनिवार शाम आए तेज आंधी-तूफान ने अचानक हालात बिगाड़ दिए। झील क्षेत्र में बने फ्लोटिंग हटमेंट तेज हवाओं और तूफान की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे वहां मौजूद करीब 25 से 30 लोग फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही जिला आपदा कंट्रोल रूम सक्रिय हुआ और SDRF को तत्काल मौके पर भेजा गया।
एसडीआरएफ पोस्ट कोटी कॉलोनी से उपनिरीक्षक नरेंद्र राणा के नेतृत्व में टीम आवश्यक उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची। मौके पर पहुंचने पर पाया गया कि तेज हवाओं के कारण हटमेंट बह चुके थे और लोग झील के बीच असुरक्षित स्थिति में थे। टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया और पर्यटन विभाग की नावों की मदद से सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर कोटी कॉलोनी पहुंचाया।
इस बीच मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर सहित कई जिलों में खराब मौसम की चेतावनी दी गई है। इसके मद्देनजर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों को सीमित करने, भूस्खलन संभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाने और राहत-बचाव दलों को पूरी तरह तैयार रखने को कहा है। साथ ही लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, पीएमजीएसवाई और बीआरओ को सड़क अवरोध की स्थिति में तत्काल बहाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों को ग्राम स्तर तक सक्रिय रहने, आपदा उपकरणों को तैयार रखने और स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। लगातार बदलते मौसम के बीच प्रशासन की प्राथमिकता जनहानि को रोकना और समय रहते राहत कार्य सुनिश्चित करना है।




