
देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) मैपिंग में धीमी प्रगति को लेकर चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। Election Commission of India के निर्देश पर कम प्रगति वाले तीन जिलों—Dehradun, Udham Singh Nagar और Nainital—को नोटिस जारी किया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी B.V.R.C. Purushottam ने सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की।
इस दौरान उन्होंने संबंधित जिलों में बीएलओ मैपिंग की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी जताई और ईआरओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को एसआईआर से पहले जिलावार एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मैपिंग कार्य को समय पर पूरा किया जा सके। शहरी क्षेत्रों में बीएलओ के साथ नगर निकायों के कर्मचारियों को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने को कहा गया है।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक करीब 87 प्रतिशत मतदाताओं की बीएलओ मैपिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों में प्रगति अपेक्षाकृत कम है। इसके चलते इन जिलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बीएलओ के प्रशिक्षण कार्य को लगातार जारी रखने के निर्देश दिए, ताकि मैपिंग कार्य में तेजी लाई जा सके।
इसके साथ ही सभी बूथों पर शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक दलों के साथ बैठक करने को भी कहा गया है। इसके अलावा गणना प्रपत्रों के वितरण के लिए भी जिलों को पहले से योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि एसआईआर प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके। अधिकारियों का मानना है कि समय पर कार्रवाई और बेहतर समन्वय से मैपिंग कार्य में तेजी लाई जा सकती है, जिससे आगामी चुनावी प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सकेगा।





