
देहरादून: कोटा से देहरादून आ रही नंदा देवी एक्सप्रेस में लूट की एक सनसनीखेज कोशिश सामने आई है, जिसने यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, देवबंद स्टेशन से ट्रेन के रवाना होते ही स्टेशन मास्टर ने लोको पायलट को सूचना दी कि कुछ संदिग्ध लोग ट्रेन के कोचों के बीच चढ़ गए हैं।
बताया जा रहा है कि यह घटना तड़के करीब तीन बजे की है, जब ट्रेन जंगल क्षेत्र से गुजर रही थी। कोच अटेंडेंट्स ने भी पुष्टि की कि लगभग 10 हथियारबंद बदमाश कोच के बफर हिस्से में मौजूद हैं और ट्रेन को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, नए कोचों में वैक्यूम रिलीज सिस्टम न होने के कारण वे ट्रेन को रोक नहीं पाए।
साथ ही, सभी कोचों के दरवाजे बंद होने के कारण बदमाश ट्रेन के अंदर प्रवेश भी नहीं कर सके। जैसे ही उन्हें एहसास हुआ कि उनकी गतिविधियों की जानकारी रेलवे कर्मचारियों को मिल चुकी है, वे मौके से कूदकर फरार हो गए।
घटना के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को मामले की जांच सौंपी गई है। कोच अटेंडेंट्स के बयान दर्ज किए गए हैं और संदिग्धों के स्केच तैयार कर उनकी पहचान की कोशिश की जा रही है।
मुरादाबाद मंडल के अधिकारियों ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। आरपीएफ की कई टीमें संभावित इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं और स्थानीय पुलिस की भी मदद ली जा रही है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। हालांकि, इस घटना ने यह जरूर संकेत दे दिया है कि चलती ट्रेनों में सुरक्षा को लेकर अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है।




