
देहरादून। आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए Bharatiya Janata Party ने महिला मतदाताओं के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। पार्टी ने इसके लिए “कीर्तन-नवरात्र प्लान” बनाया है, जिसके तहत धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से महिलाओं से सीधे संवाद स्थापित किया जाएगा।
पार्टी संगठन ने इस योजना को लागू करने की जिम्मेदारी Bharatiya Janata Party Mahila Morcha को सौंपी है। महिला मोर्चा की कार्यकर्ता और पदाधिकारी मंडल स्तर तक आयोजित होने वाले कीर्तन कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाएंगी और महिलाओं के बीच सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी पहुंचाएंगी।
पार्टी नेताओं का मानना है कि उत्तराखंड में महिलाओं की बड़ी संख्या चुनावी परिणामों को प्रभावित करती है। जनवरी में जारी मतदाता आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 84,29,459 मतदाताओं में से लगभग 40,64,488 महिला मतदाता हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी महिला मतदाताओं की बड़ी भागीदारी ने भाजपा को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इसी को ध्यान में रखते हुए आगामी चुनावों में महिलाओं के साथ संपर्क और संवाद बढ़ाने की रणनीति तैयार की गई है। योजना के तहत मंडल स्तर पर कीर्तन मंडलियों के आयोजन किए जाएंगे, जिनमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इन कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और विकास कार्यों की जानकारी भी दी जाएगी।
इसके अलावा नवरात्र के दौरान भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नवरात्र के नौ दिनों में अलग-अलग गतिविधियों और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से महिलाओं को जोड़ा जाएगा। वहीं हरियाली तीज जैसे पारंपरिक त्योहारों को भी बड़े स्तर पर मनाने की योजना बनाई गई है, ताकि महिलाओं के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत किया जा सके।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष Mahendra Bhatt ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए महिला मोर्चा को त्योहारों और सामाजिक आयोजनों की विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनका कहना है कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार द्वारा किए गए विकास और कल्याणकारी कार्यों की जानकारी महिलाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने अपने बजट में भी महिलाओं के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया है। पिछले वित्तीय वर्ष में जेंडर बजट में 2423 करोड़ रुपये की वृद्धि कर इसे 16,961.32 करोड़ रुपये किया गया था। वहीं इस वर्ष इसमें 2730 करोड़ रुपये और बढ़ाकर कुल 19,692.02 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सरकार का कहना है कि इस बजट के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को मजबूत किया जाएगा। भाजपा का मानना है कि इन पहलों और कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं के साथ संवाद और सहभागिता बढ़ेगी, जिससे पार्टी को आगामी चुनावों में भी लाभ मिल सकता है।




