
श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल Dhari Devi Temple के परिसर में मोबाइल फोन के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला मंदिर परिसर की पवित्रता बनाए रखने और श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया।
इस संबंध में नगर निगम और मंदिर समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता श्रीनगर नगर निगम की मेयर Aarti Bhandari ने की। बैठक में मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को सुधारने और श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के लिए कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि मंदिर क्षेत्र में मोबाइल फोन पूरी तरह वर्जित रहेगा। मंदिर समिति का मानना है कि इससे मंदिर की पवित्रता और अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी तथा श्रद्धालु बिना किसी व्यवधान के पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम की ओर से मंदिर परिसर में लॉकर की व्यवस्था भी की जाएगी। इन लॉकरों में श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन और अन्य सामान सुरक्षित रख सकेंगे।
इसके अलावा मंदिर में दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पैदल आने और जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए वन-वे व्यवस्था लागू करने पर भी सहमति बनी। इससे मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण और आवाजाही को सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मंदिर परिसर और उसके आसपास के क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम की टीम जल्द ही अभियान चलाकर अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई करेगी।
मेयर आरती भंडारी ने कहा कि धारी देवी मंदिर प्रदेश की आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। नगर निगम की प्राथमिकता है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और मंदिर परिसर में अनुशासन व स्वच्छता बनी रहे।
उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन प्रतिबंध, लॉकर सुविधा, वन-वे दर्शन मार्ग और अतिक्रमण हटाने जैसे कदम इसी दिशा में उठाए जा रहे हैं।
बैठक में वार्ड पार्षद राजेंद्र नेगी, सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी, अधिशासी अभियंता पवन कोठियाल, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार, प्रवीण रावत, मंदिर समिति के सचिव विवेक पांडेय, रमेश चंद्र पांडेय सहित मंदिर समिति के कई सदस्य उपस्थित रहे।




