
गैरसैंण | उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी Gairsain के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में शुरू होने जा रहा है। सत्र की शुरुआत राज्यपाल Gurmit Singh के अभिभाषण से होगी, जिसके बाद सरकार सदन में विनियोग विधेयक पेश कर बजट प्रस्तुत करेगी। राज्य के राजनीतिक इतिहास में यह पहला अवसर होगा जब राज्यपाल के अभिभाषण के दिन ही बजट पेश किया जाएगा। इसके साथ ही यह भी पहली बार होगा कि मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami स्वयं वित्त मंत्री के रूप में सदन में अपनी सरकार का बजट प्रस्तुत करेंगे। वर्तमान में वित्त विभाग भी मुख्यमंत्री के पास ही है।
1.11 लाख करोड़ का हो सकता है बजट
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के बजट का आकार पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। बताया जा रहा है कि इस बार बजट करीब 1.11 लाख करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना है।
चुनावी वर्ष होने से बजट पर खास नजर
यह बजट राजनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह चुनावी वर्ष का बजट है। ऐसे में सरकार गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं पर विशेष जोर दे सकती है। इसके अलावा बुनियादी ढांचे और अवस्थापना विकास से जुड़े कई नए प्रोजेक्ट भी बजट में शामिल किए जाने की संभावना है। सरकार का दावा है कि बजट में “विकसित उत्तराखंड” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कई नई योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा की जा सकती है।
विपक्ष भी करेगा सरकार को घेरने की तैयारी
बजट सत्र के दौरान विपक्ष भी विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। बेरोजगारी, महंगाई, पलायन, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दे सदन में उठाए जाने की संभावना है। इसके चलते सत्र के दौरान तीखी राजनीतिक बहस और हंगामे के आसार भी जताए जा रहे हैं।
गैरसैंण में बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां
बजट सत्र के चलते इन दिनों गैरसैंण और भराड़ीसैंण क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। मंत्री, विधायक और अधिकारी सत्र में भाग लेने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने भी सत्र के सफल संचालन के लिए सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड का यह बजट सत्र कई मायनों में खास माना जा रहा है। पहली बार राज्यपाल के अभिभाषण के दिन ही बजट पेश होने और मुख्यमंत्री द्वारा वित्त मंत्री के रूप में बजट प्रस्तुत किए जाने के कारण इस सत्र पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।






