
पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ती सुरक्षा स्थिति और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी के बीच पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि की घोषणा की है। सरकार ने दोनों ईंधनों के दाम में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करते हुए इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी वृद्धि बताया है। इस फैसले के बाद देश में पेट्रोल की नई कीमत लगभग 321.17 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत लगभग 335.86 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
इस निर्णय की घोषणा इस्लामाबाद में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान की गई। इस अवसर पर पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार तथा पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक मौजूद रहे। इशाक डार ने कहा कि पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ती स्थिति के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक उछाल आया है, जिससे पाकिस्तान के लिए ईंधन आयात की लागत बढ़ गई है।
उन्होंने बताया कि पिछले 48 घंटों के दौरान क्षेत्रीय हालात और अधिक गंभीर हुए हैं, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी आई है। डार के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में सरकार के पास पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी कीमतों की समीक्षा की जाएगी।
पत्रकार वार्ता में पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने भी स्वीकार किया कि यह फैसला सरकार के लिए आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि सरकार जनता पर अतिरिक्त बोझ डालना नहीं चाहती, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों के कारण ऐसा कदम उठाना पड़ा है। उनके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में वृद्धि से पाकिस्तान के आयात बिल में भारी बढ़ोतरी हो रही है, जिसका सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ रहा है।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान से पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने का आग्रह किया था। आईएमएफ के साथ चल रही आर्थिक सहायता वार्ता के दौरान ऊर्जा क्षेत्र में सुधार और बाजार आधारित कीमतों को लागू करने का दबाव पाकिस्तान पर लगातार बना हुआ है।
कीमतों में अचानक हुई इस वृद्धि के बाद पाकिस्तान के कई बड़े शहरों में घबराहट का माहौल देखा गया। लाहौर, कराची और अन्य शहरों में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बड़ी संख्या में लोग अपने वाहनों में ईंधन भरवाने के लिए घंटों इंतजार करते नजर आए। लोगों को आशंका थी कि आने वाले दिनों में ईंधन की कमी हो सकती है या कीमतें और बढ़ सकती हैं।
लाहौर के एक पेट्रोल पंप पर कतार में खड़े लोगों ने बताया कि वे संभावित कमी से पहले अपने वाहनों में ईंधन भरवाना चाहते हैं। कई लोगों ने कहा कि उन्हें लगभग एक घंटे से अधिक समय तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। आम नागरिकों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल के दाम में इतनी बड़ी वृद्धि से न केवल परिवहन महंगा होगा बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी पर भी इसका गहरा असर पड़ेगा।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में इस तरह की बड़ी वृद्धि से पाकिस्तान में महंगाई और बढ़ सकती है। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों, निर्माण सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि होने की आशंका है। पहले से ही आर्थिक संकट और ऊंची महंगाई से जूझ रही पाकिस्तानी जनता के लिए यह स्थिति और कठिन साबित हो सकती है।
इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पेट्रोलियम उत्पादों की जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि यदि कोई पेट्रोल पंप कृत्रिम कमी पैदा करने या जमाखोरी करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए, लाइसेंस रद्द किया जाए और कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रधानमंत्री ने पेट्रोलियम मंत्री को यह भी निर्देश दिया है कि वे विभिन्न प्रांतों का दौरा कर वहां की सरकारों के साथ मिलकर ईंधन की सुचारु आपूर्ति और बचत सुनिश्चित करने की योजना तैयार करें। सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य संकट के दौरान देश में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना और जनता को अनावश्यक परेशानी से बचाना है।
पेट्रोलियम मंत्री के अनुसार, फिलहाल पाकिस्तान के पास पेट्रोल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इन भंडारों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की योजना बना रही है क्योंकि यह स्पष्ट नहीं है कि पश्चिम एशिया में चल रहा संकट कब तक जारी रहेगा।
गौरतलब है कि पाकिस्तान अपनी तेल आवश्यकता का बड़ा हिस्सा सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से आयात करता है। यह तेल होरमुज जलडमरूमध्य के रास्ते पाकिस्तान तक पहुंचता है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण इस समुद्री मार्ग और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।
सरकार ने संकेत दिया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति के अनुसार पेट्रोल और डीजल की कीमतों की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी। फिलहाल पाकिस्तान की जनता महंगे ईंधन और बढ़ती महंगाई के दोहरे दबाव के बीच आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही है।







