
देहरादून। देहरादून में खेल मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर डालनवाला थाने में मंगलवार को देर रात तक जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाएं थाने पहुंचीं और सार्वजनिक मंच से दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ी रहीं। दिन से शुरू हुआ यह विरोध रात तक चलता रहा और हालात उस समय और गर्म हो गए, जब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी धरने को समर्थन देने थाने पहुंच गए।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने दिन में कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया था, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारी महिलाएं दोबारा डालनवाला थाने पहुंच गईं। देर शाम और रात तक महिलाएं एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर थाने परिसर में डटी रहीं। महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी उस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करती है, जिसे वह बेहद शर्मनाक और महिलाओं का अपमान करने वाला मानती है। उन्होंने बताया कि इस मामले में दो जनवरी को ही डालनवाला थाने में शिकायत दी जा चुकी थी, लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, जिससे महिलाओं में भारी रोष है।
ज्योति रौतेला ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक इस मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक महिला कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। उनका कहना था कि यह मामला केवल एक व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और न्याय से जुड़ा है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और धरने के चलते थाने के बाहर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
रात में स्थिति को संभालने के लिए एसपी सिटी प्रमोद कुमार स्वयं डालनवाला थाने पहुंचे। प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने उन्हें अपना मांगपत्र सौंपा। एसपी सिटी ने पूरे मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त किया गया। वहीं, डालनवाला थाने के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुंवर ने बताया कि पूर्व में कांग्रेस नेता की ओर से एक प्रार्थनापत्र दिया गया था, जो अल्मोड़ा से संबंधित होने के कारण वहां भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने महिलाओं को तीन बार पुलिस लाइन छोड़ा, लेकिन हर बार वे वापस थाने पहुंच गईं। इस घटनाक्रम ने देर रात तक देहरादून की सियासत और प्रशासनिक हलकों में हलचल बनाए रखी।




