
मेरठ। सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या और उसकी बेटी रूबी के अपहरण से जुड़े सनसनीखेज मामले में रविवार को अदालत में अहम घटनाक्रम देखने को मिला। मुख्य आरोपी पारस सोम को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्पेशल सीजेएम की अदालत में पेश किया गया, जहां उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
करीब दस मिनट तक चली इस पेशी के दौरान अदालत परिसर पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। सरधना समेत कई थानों की फोर्स तैनात रही। सीओ सरधना आशुतोष कुमार और सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी स्वयं मौके पर मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली।
पुलिस की बोलेरो से उतरते समय आरोपी पारस सोम ने ठंड से बचने के लिए मफलर और चादर ओढ़ रखी थी। जैसे ही वह पुलिस घेरे में अदालत परिसर से गुजर रहा था, उसने मीडिया के सामने अचानक भावुक होकर कहा, “मैंने किसी को नहीं मारा, मुझे बचा लीजिए। मैं बेगुनाह हूं।” पारस के इस बयान ने मामले में नया मोड़ ला दिया है।
दूसरी ओर, पीड़िता रूबी के बयान एसीजेएम-द्वितीय की अदालत में दर्ज कराए गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार रूबी ने अपनी गवाही में साफ तौर पर पारस सोम को अपनी मां की हत्या और अपने अपहरण का जिम्मेदार ठहराया है। उसके बयान को जांच के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अदालती प्रक्रिया पूरी होने के बाद रूबी को काउंसलिंग के लिए मेडिकल कॉलेज स्थित आशा ज्योति केंद्र भेज दिया गया, जहां उसकी मानसिक और भावनात्मक देखभाल की जा रही है।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि मामले की जांच सीओ सरधना द्वारा की जा रही है और अब तक ठोस साक्ष्य एकत्र किए जा चुके हैं। अदालत के समक्ष प्रस्तुत सबूतों के आधार पर आरोपी को हत्या, अपहरण और एससी-एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं में जेल भेजा गया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर पूरे जिले में चर्चा का माहौल है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई न बरती जाए।







