
देहरादून। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ रही फर्जी और अनधिकृत वाहन बुकिंग वेबसाइटों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने ऐसी वेबसाइटों की गहन जांच शुरू कर दी है, जो बिना वैध एग्रीगेटर लाइसेंस के वाहन बुकिंग का कारोबार कर रही हैं।
परिवहन विभाग की पड़ताल में एक ऐसी वेबसाइट सामने आई है, जो नियमों को ताक पर रखकर ऑनलाइन वाहन बुकिंग कर रही थी। इससे न केवल यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि सरकार को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
नियमों के विरुद्ध संचालन
आरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. अनीता चमोला ने बताया कि केंद्र सरकार की एग्रीगेटर नीति के तहत बिना लाइसेंस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वाहन बुकिंग करना कानूनन अपराध है। जांच में सामने आया है कि कुछ प्लेटफॉर्म निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना ही बुकिंग ले रहे हैं।
चार डिजिटल प्लेटफॉर्म को नोटिस
परिवहन विभाग ने पेटीएम, रेड बस, अभी बस और न्यूगो को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इन प्लेटफॉर्म्स को एक सप्ताह के भीतर एग्रीगेटर लाइसेंस प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
भारी जुर्माने का प्रावधान
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की नियमावली के अनुसार, एग्रीगेटर लाइसेंस के बिना वाहन बुकिंग कराने पर एक लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा में आदेशों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित प्लेटफॉर्म्स पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
परिवहन विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा, पारदर्शी व्यवस्था और सरकारी राजस्व की रक्षा के उद्देश्य से की जा रही है। भविष्य में भी इस तरह की अवैध गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी।




