
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इजराइल पहुंचकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की और आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्पष्ट व कठोर नीति को दोहराते हुए ऐसा संदेश दिया, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है। यरूशलम में हुई इस मुलाकात को कूटनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह ऐसे समय पर हुई है जब दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में यहूदियों पर हुए आतंकी हमलों को लेकर वैश्विक चिंता और आक्रोश बढ़ा हुआ है।
मुलाकात के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को शुभकामनाएं दीं। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं के बीच तकनीक, अर्थव्यवस्था, कौशल और प्रतिभा विकास, कनेक्टिविटी तथा सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
इस मुलाकात का सबसे अहम पहलू ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में यहूदियों पर हुए आतंकी हमले को लेकर भारत का सख्त रुख रहा। विदेश मंत्री जयशंकर ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए साफ कहा कि भारत और इजराइल आतंकवाद को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ इजराइल जो भी कदम उठाएगा, भारत उसके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। भारत के इस रुख को आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में एक मजबूत और स्पष्ट संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। सिडनी हमले के बाद ट्रंप ने आतंकवादियों और उन्हें समर्थन देने वाले देशों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे तत्वों को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। व्हाइट हाउस में यहूदी समुदाय के एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने दुनिया भर के देशों से इस्लामिक कट्टरपंथ के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी देशों को कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवाद की बुरी ताकतों के खिलाफ एक साथ खड़ा होना चाहिए और अमेरिका इस दिशा में ठोस कदम उठा रहा है।
ट्रंप ने इस अवसर पर यहूदी समुदाय को निरंतर समर्थन देने का भी वादा किया। उनके इस बयान को आतंकवाद को संरक्षण देने वाले देशों के लिए सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुस्लिम देशों की यात्रा पर हैं, वहीं दूसरी ओर विदेश मंत्री जयशंकर की इजराइल यात्रा और आतंकवाद पर उनका स्पष्ट रुख यह दर्शाता है कि भारत वैश्विक मंच पर संतुलित, लेकिन आतंकवाद के मामले में बिल्कुल भी समझौता न करने वाली नीति पर कायम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जयशंकर और नेतन्याहू की यह मुलाकात भारत-इजराइल संबंधों को और मजबूती देगी और आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा दे सकती है। भारत का यह स्पष्ट संदेश कि वह आतंकवाद के खिलाफ किसी भी देश के साथ खड़ा रहेगा, आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और सुरक्षा रणनीतियों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।






