
कानपुर | कानपुर में शनिवार का दिन भावनाओं, श्रद्धा और शोक से भरा हुआ रहा, जब शहर ने अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल को अंतिम विदाई देने के लिए उनके आवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। सुबह से ही उनके निवास पर लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी, और समय बीतने के साथ यह भीड़ जनसैलाब में बदल गई। समाज के हर वर्ग से जुड़े लोग—राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, छात्र, उनके शुभचिंतक और आम नागरिक—सब अपनी-अपनी भावनाओं के साथ उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करने पहुंचे। यह दृश्य दर्शाता था कि श्रीप्रकाश जायसवाल ने अपने जीवन में लोगों के दिलों में कितना गहरा स्थान बनाया था।
शहर के तीन बार सांसद रह चुके और केंद्र में कोयला मंत्री के रूप में अपनी सेवाएँ दे चुके श्रीप्रकाश जायसवाल का राजनीतिक सफर हमेशा सादगी, सहज व्यवहार और जनसेवा के लिए जाना जाता रहा। उनके निधन की खबर फैलते ही कानपुर के राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके समर्थक और चाहने वाले यह कहकर अपनी भावनाएँ व्यक्त कर रहे थे कि उन्होंने सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक, संरक्षक और सहज स्वभाव वाले व्यक्ति को खो दिया है। उनके आवास पर पहुंचे कई बुजुर्ग लोगों ने याद किया कि कैसे श्रीप्रकाश जायसवाल बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग और हर परिवार के साथ भावनात्मक रूप से जुड़े रहे।
दिनभर उनके निवास पर लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती रही। कई नेता, विभिन्न दलों के कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। वहां मौजूद लोगों ने कहा कि श्रीप्रकाश जायसवाल की राजनीति की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि उन्होंने हमेशा जनता से सीधा संवाद बनाए रखा और कभी अपने पद या प्रतिष्ठा को अपने व्यवहार पर हावी नहीं होने दिया। शहर के प्रति उनका लगाव इतना गहरा था कि वे हमेशा कानपुर की समस्याओं, विकास योजनाओं और जनता की जरूरतों के लिए सक्रिय रहते थे। यही कारण है कि उनके निधन ने पूरे शहर को गहरे दुख में डुबो दिया है।
उनके अंतिम संस्कार की तैयारियाँ भी शुरू कर दी गई हैं। बताया जा रहा है कि उनके बड़े बेटे सिद्धार्थ कनाडा में रहते हैं और उनके आगमन का इंतजार किया जा रहा है। परिवार के नजदीकी सूत्रों के अनुसार, सिद्धार्थ के भारत पहुंचने के बाद रविवार को अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की जाएँगी। फिलहाल उनके पार्थिव शरीर को आम जनता के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है और हजारों की संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उनके आवास पहुंच रहे हैं।
उनके निधन ने न केवल राजनीतिक क्षेत्र में एक खालीपन छोड़ दिया है बल्कि सामाजिक और व्यक्तिगत स्तर पर भी कई लोगों के लिए यह एक बड़ी क्षति है। उनके समर्थक और शुभचिंतक उन्हें हमेशा एक शांत, मिलनसार और जनहित के लिए समर्पित नेता के रूप में याद करेंगे। शहर से लेकर राज्य तक के लोगों ने सोशल मीडिया पर भी भारी संख्या में श्रद्धांजलि संदेश साझा किए और उनके साथ बिताए पलों को याद किया। कानपुर में छाई यह उदासी इस बात का प्रमाण है कि श्रीप्रकाश जायसवाल का जीवन कितना प्रभावशाली था और उन्होंने अपनी सरलता और सेवा के साथ लोगों के दिलों में कैसी अमिट छाप छोड़ी।






