
देहरादून | उत्तराखंड में देवाल-बेराधार मोटर मार्ग पर शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब ग्रामीणों को सड़क किनारे एक नन्हे बच्चे का कटा हुआ सिर दिखाई दिया। यह दृश्य इतना भयावह था कि देखते ही गांव में खौफ और सन्नाटा पसर गया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद देवाल चौकी और स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सिर को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा पूरा किया और पोस्टमार्टम के लिए कर्णप्रयाग भेज दिया। इस पूरी घटना ने न केवल गांव बल्कि पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया है, क्योंकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह सिर किस बच्चे का है और उसका धड़ कहां है।
घटना सुबह उस समय सामने आई जब राहगीरों ने हाटल्याणी-बेराधार मोटर मार्ग के जीरो किलोमीटर के पास सड़क किनारे पड़े एक छोटे बच्चे के सिर पर नजर डाली। पहले तो लोगों को लगा कि यह किसी जानवर का अवशेष होगा, लेकिन नजदीक जाकर देखने पर पुष्टि हुई कि यह इंसानी सिर है और वह भी एक मासूम बच्चे का। इसकी जानकारी मिलते ही क्षेत्र में भय का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने किसी भी आशंका को देखते हुए तुरंत पुलिस को कॉल किया। पुलिस टीम के पहुंचने के बाद आसपास के क्षेत्र की गहन तलाशी ली गई लेकिन सिर के अलावा शरीर का कोई भाग नहीं मिल पाया। पुलिस अब आसपास के जंगलों और रास्तों में धड़ की तलाश कर रही है।
थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया ने पुष्टि करते हुए बताया कि शव का केवल सिर ही मिला है और धड़ का कोई भी अंश बरामद नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चे की उम्र, कारण, समय और संभव घटनाक्रम के बारे में सटीक जानकारी मिल पाएगी। फिलहाल सिर की पहचान भी संभव नहीं हो पाई है, क्योंकि क्षेत्र के किसी भी परिवार ने अपने बच्चे के लापता होने की सूचना नहीं दी है। इस कारण यह आशंका भी बढ़ गई है कि कहीं यह किसी बाहरी क्षेत्र की घटना तो नहीं, जहां से शव के किसी हिस्से को यहां फेंक दिया गया हो। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है।
घटना ने गांव के लोगों के भीतर भय और असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है। क्योंकि पहाड़ जैसे शांत और सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में इस प्रकार की घटना बहुत ही दुर्लभ है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक उन्होंने ऐसी घटना की कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने मांग की है कि पुलिस जल्द से जल्द इस मामले का खुलासा करे ताकि गांव में फैली दहशत खत्म हो सके। पुलिस ने भी लोगों से सहयोग की अपील की है और कहा है कि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल दी जाए।
फिलहाल पुलिस की पूरी टीम बच्चें के धड़ की तलाश में विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही है और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों व अन्य सुरागों की भी जांच की जा रही है। इस वारदात ने उत्तराखंड के शांत पहाड़ी इलाकों में एक गहरी चिंता पैदा कर दी है कि आखिर इस मासूम बच्चे के साथ क्या हुआ होगा और इस भयावह घटना के पीछे कौन हो सकता है। जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक उम्र, पहचान और घटना की प्रकृति को लेकर केवल अनुमान ही लगाए जा सकते हैं। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे और जांच की दिशा तय हो जाएगी।






