
देहरादून। गोवा में चल रहे 56वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान आयोजित वेव्स फिल्म बाज़ार में इस वर्ष उत्तराखंड पवेलियन विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। 20 से 24 नवंबर 2025 तक आयोजित इस फिल्म बाज़ार में देश-विदेश से आए फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों ने उत्तराखंड की फिल्म नीति, सुविधाओं और शूटिंग स्थलों को लेकर गहरी रुचि दिखाई। प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग ने उत्तराखंड को सभी के लिए एक पसंदीदा फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित किया है।
उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के संयुक्त मुख्यकार्यकारी अधिकारी एवं नोडल अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय के अनुसार, इस वर्ष उत्तराखंड पवेलियन पर फिल्म उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों की बड़ी संख्या ने पहुंचकर विस्तृत जानकारी ली। बंगाली, तमिल, मलयालम, गुजराती, मराठी सहित विभिन्न भाषाओं के फिल्म निर्माताओं ने उत्तराखंड को अपनी आगामी फिल्मों की शूटिंग के लिए उपयुक्त स्थान बताया। कई विदेशी फिल्म निर्माताओं ने भी यहां शूटिंग करने में रुचि दिखाते हुए राज्य सरकार की पारदर्शी और सहायक फिल्म नीति की सराहना की।
फिल्म बाजार में उपस्थित प्रतिनिधियों को राज्य सरकार द्वारा फिल्म उद्योग को प्रदान की जाने वाली सब्सिडी, परमिशन में सरलता, शूटिंग के लिए उपलब्ध लोकेशन और तकनीकी सहयोग की जानकारी दी गई। उत्तराखंड की वादियों, नदियों, ऐतिहासिक मंदिरों, जंगलों और शांत हिमालयी इलाकों को फिल्मांकन के लिए अत्यंत उपयुक्त बताया गया, जिससे कई फिल्म निर्माताओं ने तुरंत सहमति भी प्रदान की।
इस वर्ष के आयोजन में आगामी 2026 में होने वाली विश्वप्रसिद्ध राजजात यात्रा के बारे में भी विस्तृत जानकारी साझा की गई। इस धार्मिक और सांस्कृतिक महाकुंभ में कई विदेशी फिल्म मेकर्स ने डॉक्यूमेंट्री शूट करने की इच्छा जताई, जिससे उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर बढ़ेगा।
फिल्म महोत्सव के इस मंच ने स्पष्ट कर दिया कि उत्तराखंड अपनी फिल्म नीति और प्राकृतिक संपदाओं के कारण तेजी से फिल्म निर्माण की पसंदीदा जगह के रूप में उभर रहा है। आने वाले वर्षों में राज्य में देश-विदेश की कई फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग बढ़ने की संभावना है।





