
अल्मोड़ा। कभी हर घर का जरूरी हिस्सा रहे लालटेन और लैंप अब नए अंदाज में बाजारों में वापसी कर रहे हैं। पहले मिट्टी के तेल से चलने वाले लालटेन और लैंप उजाले का मुख्य साधन हुआ करते थे, लेकिन अब वे तकनीकी बदलाव और आधुनिक डिजाइनों के साथ दोबारा लोकप्रिय हो रहे हैं।
तकनीक ने बदली तस्वीर
अब ये पारंपरिक लालटेन तेल से नहीं बल्कि इलेक्ट्रिक और सोलर चार्जिंग मॉडल में उपलब्ध हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां बिजली की आपूर्ति अनियमित रहती है, वहां इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। ग्राहक इन्हें न केवल उपयोगिता बल्कि आधुनिक डिजाइन और पैकिंग की वजह से भी पसंद कर रहे हैं।
बाजार में बढ़ी रौनक
स्थानीय इलेक्ट्रिकल व्यापारी रमेश सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिक और सोलर लालटेन की कीमतें 400 से 1200 रुपये तक हैं। मांग इतनी अधिक है कि स्टॉक जल्दी खत्म हो जाता है। व्यापारी विनोद जोशी का कहना है कि नए डिजाइन और कलरफुल लुक के कारण खासकर महिलाएं इन लाइटों को खरीदने में ज्यादा रुचि दिखा रही हैं।
परंपरा और आधुनिकता का संगम
लालटेन और लैंप अब केवल जरूरत की वस्तु नहीं रहे, बल्कि आधुनिक लाइफस्टाइल और सजावट का हिस्सा भी बनते जा रहे हैं। शहरों में भी इन्हें सजावटी आइटम के रूप में खरीदा जा रहा है। इस तरह ये पारंपरिक रोशनी के साधन अब आधुनिकता और तकनीक से जुड़कर फिर से लोगों के जीवन का हिस्सा बन रहे हैं।