
झांसी | झांसी की रक्सा पुलिस ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर युवतियों की फर्जी आईडी बनाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गैंग ने अब तक लगभग 147 लोगों को अपना शिकार बनाया। गिरोह के सदस्य पहले युवकों को झांसे में लेकर वीडियो कॉल कराते और फिर उन्हें न्यूड कराकर स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर लेते थे।
इसके बाद वे खुद को पुलिस अफसर बताकर पीड़ितों को वीडियो वायरल करने की धमकी देते और 5-10 हजार रुपये की डिमांड करते। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
कैसे करते थे ठगी?
सीओ सदर अदीबा नोमान के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
- गजराज लोधी (22), निवासी अमरपुरा, शिवपुरी (मध्य प्रदेश)
- संदीप लोधी, निवासी खागा गांव, शिवपुरी
ये लोग फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लड़कियों के नाम से फर्जी अकाउंट बनाते थे। आईडी से युवकों को मैसेज भेजते और बातचीत का सिलसिला शुरू करते। जब भरोसा जम जाता, तो वीडियो कॉल पर आने के लिए पैसे मांगते।
पैसा मिलने पर पहले से सेव अश्लील वीडियो चला देते, जिससे सामने वाला भ्रमित हो जाता। इस बीच वे युवक को कपड़े उतारने के लिए उकसाते और फिर स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर लेते।
इसके बाद युवक को फोन करके कहते कि वे पुलिस अधिकारी हैं और यह मामला गंभीर है। शिकायत न करने देने के लिए उनसे छोटी रकम—5 से 10 हजार रुपये—की डिमांड करते थे।
गिरफ्तारी कैसे हुई?
हाल ही में रक्सा पुलिस को गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी मिली। थानाध्यक्ष राहुल राठौर की अगुवाई में पुलिस टीम ने जाल बिछाया। आरोपियों को पैसे लेने के लिए रक्सा बुलाया गया, जहां पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
उनके पास से—
- 3 मोबाइल फोन
- 5 फर्जी सिम कार्ड
बरामद किए गए।
एमपी से चलता है साइबर फ्रॉड नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि शिवपुरी जिले के अमरपुरा गांव और आसपास के इलाकों में इस तरह के कई साइबर फ्रॉड गिरोह सक्रिय हैं। ग्रामीण युवाओं को गिरोह में भर्ती कर लेते हैं और वे घर बैठे ही इस तरह की ठगी करते हैं।