
चमोली: बदरीनाथ हाईवे के वैकल्पिक नंदप्रयाग-सैकोट-कोठियालसैंण-चमोली मार्ग पर भू-धंसाव का खतरा अभी भी बना हुआ है, जिससे चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सैकोट गांव के समीप करीब 20 मीटर हिस्से में सड़क धंसने से मार्ग काफी संकरा हो गया है, जिसके कारण वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है और दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
यह मार्ग उस समय सबसे अधिक उपयोग में आता है जब मुख्य बदरीनाथ हाईवे पर भूस्खलन के चलते यातायात बाधित हो जाता है। ऐसे में इस वैकल्पिक मार्ग की खराब स्थिति प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।
पिलंग क्षेत्र के आसपास सड़क की स्थिति और भी चिंताजनक है। यहां सड़क संकरी होने के साथ-साथ तीखे मोड़ भी हैं, जिससे बड़े वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग के कई हिस्सों में सड़क उबड़-खाबड़ है, जो भारी यातायात का दबाव सहन नहीं कर पाती।
बरसात के मौसम में पर्थाडीप क्षेत्र भूस्खलन के लिए संवेदनशील हो जाता है, जिससे मुख्य हाईवे बंद होने पर इसी वैकल्पिक मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह मार्ग भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में तुरंत स्थायी समाधान किया जाए। उनका सुझाव है कि भू-धंसाव वाले हिस्से में छेड़छाड़ करने के बजाय सड़क को सुरक्षित स्थान पर डायवर्ट किया जाए और जहां जरूरत हो वहां चौड़ीकरण कार्य किया जाए।
चारधाम यात्रा के मद्देनजर यह मुद्दा और भी गंभीर हो गया है, क्योंकि हर साल लाखों श्रद्धालु इस मार्ग से गुजरते हैं। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यात्रा के दौरान बड़ी परेशानी या हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।




