देहरादून ( उत्तराखंड) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परेड ग्राउंड में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी “कौथिक महोत्सव” के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोक कलाकारों, साहित्यकारों, कला-प्रेमियों तथा उपस्थित सम्मानित जनों का आभार जताया।

लोक संस्कृति के आयोजन
महोत्सव के सफल आयोजन के लिए सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर गीता धामी व आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा, जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़, छोपाटी, लोकगीत, छोलिया, पांडव व झोड़ा-छपेली जैसे लोकनृत्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा हैं। जिन्हें संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लोक कलाकारों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। लोक कलाकारों को कोरोना काल में सूचीबद्ध करीब 3200 कलाकारों को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी गई। गुरु-शिष्य परंपरा के तहत लोक प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जा रहा है। सीएम ने विश्वास जताया कि सेवा संकल्प फाउंडेशन जैसी संस्थाएं भविष्य में भी उत्तराखंड की लोक संस्कृति व परंपराओं को सहेजने में भूमिका निभाती रहेंगी। वहीं, सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी गीता धामी ने कहा कि गत 4 दिनों से इस महोत्सव के जरिए उत्तराखंड की लोक संस्कृति को जीवंत रखने का कार्य किया गया है।
इस आयोजन में पूर्व राज्यपाल व पूर्व सीएम पद्म भूषण भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, अध्यक्ष केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड पद्मश्री प्रसून जोशी, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक खजान दास, आदि अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।




