
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में एक बार फिर भूकंप की गतिविधि ने लोगों को सतर्क कर दिया। शुक्रवार सुबह बागेश्वर जिले और इसके आसपास के इलाकों में धरती अचानक हिलने से लोग दहशत में आ गए। सुबह 07 बजकर 48 मिनट 37 सेकेंड पर आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.4 दर्ज की गई, जबकि इसका केंद्र बागेश्वर के कपकोट क्षेत्र में जमीन के भीतर लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।
सुबह-सुबह आए इन झटकों के कारण कई लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण झटके ज्यादा देर तक महसूस नहीं किए गए, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र होने के चलते लोगों में चिंता स्वाभाविक रूप से बढ़ गई। कुछ ग्रामीणों ने बताया कि हल्की कंपन के साथ बर्तनों और घरेलू सामान में हलचल महसूस हुई।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने भूकंप की पुष्टि करते हुए बताया कि तीव्रता कम होने के कारण किसी भी तहसील या गांव से अब तक किसी प्रकार के नुकसान की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से सभी संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
उत्तराखंड भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील जोन में आता है और यहां समय-समय पर हल्के से मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे भूकंप बड़े दबाव को कम करने में सहायक होते हैं, लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है। प्रशासन ने लोगों को भूकंप के दौरान खुले स्थानों में रहने, मजबूत ढांचे से दूर रहने और घबराहट से बचने की सलाह दी है।
फिलहाल बागेश्वर जिले में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और जनजीवन पर भूकंप का कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है, लेकिन बार-बार हो रही भूकंपीय गतिविधियों ने एक बार फिर आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर ध्यान देने की जरूरत को रेखांकित किया है।




