
देहरादून। मेघालय में फरवरी-मार्च 2027 में प्रस्तावित राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड का खेल विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आयोजन से जुड़ी जरूरी तैयारियां एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) को अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार किए बिना शुरू की जाएंगी। इसका उद्देश्य समय रहते खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, खेल सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं को पूरा करना है।
विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा के मुताबिक, राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों से संबंधित एसओपी का प्रस्ताव फिलहाल वित्त विभाग में है। विभागीय स्तर पर इसकी मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इसके कारण तैयारियों को नहीं रोका जाएगा। उन्होंने बताया कि खेल विभाग के पास पर्याप्त बजट उपलब्ध है और इसी आधार पर शुरुआती काम आगे बढ़ाए जाएंगे।
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खेल विभाग का ध्यान खेल स्थलों की व्यवस्था, खिलाड़ियों के विशेष प्रशिक्षण शिविर, आवश्यक आधारभूत सुविधाओं और आयोजन से जुड़ी अन्य तैयारियों पर रहेगा। राष्ट्रीय खेलों से पहले विभिन्न खेल संघों को खिलाड़ियों का चयन करना होगा। इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए कोच और फिजियोथेरेपिस्ट की तैनाती तथा प्रशिक्षण संबंधी सुविधाएं भी उपलब्ध करानी होंगी।
अपर निदेशक खेल एवं युवा कल्याण अजय अग्रवाल के अनुसार, राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों के लिए एसओपी का प्रस्ताव निदेशालय की ओर से शासन को भेजा गया था। इस पर वित्त विभाग ने कुछ आपत्तियां लगाई थीं। इन आपत्तियों का निपटारा कर प्रस्ताव दोबारा शासन को भेजा जा चुका है।
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बताया गया है कि फिजियोथेरेपिस्ट की तैनाती को लेकर वित्त विभाग की ओर से आपत्ति उठाई गई थी। राष्ट्रीय खेलों से पहले खिलाड़ियों के प्रशिक्षण शिविर और अन्य व्यवस्थाओं के लिए समय सीमित है। ऐसे में एसओपी की मंजूरी में देरी होने पर तैयारियां प्रभावित होने की आशंका है। इसी को देखते हुए खेल विभाग ने जरूरी काम समानांतर रूप से शुरू करने का निर्णय लिया है।
विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा ने कहा कि एसओपी की मंजूरी का इंतजार किए बिना विभाग राष्ट्रीय खेलों की तैयारी शुरू करेगा। वहीं, प्रमुख सचिव वित्त आरके सुधांशु ने कहा कि एसओपी का मामला उनके संज्ञान में लाया गया है और इसकी स्थिति दिखवाकर शीघ्र निस्तारण किया जाएगा।
एसओपी को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद तैयारियों को उसके अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल खेल विभाग की प्राथमिकता राष्ट्रीय खेलों से पहले खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और जरूरी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करना है।





